By: Vikash Kumar (Vicky)
भारत में फिर लौट सकता है निपाह वायरस! चमगादड़ से फैलने वाली जानलेवा बीमारी और बचाव के उपाय
निपाह वायरस का हाल ही का सच। भारत में निपाह वायरस फिर चर्चा में है, खासकर पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से दो नर्सों में संदिग्ध निपाह संक्रमण की खबरों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। दोनों नर्सों की हालत गंभीर बताई जा रही है और संक्रमण को लेकर अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल के बाद ओडिशा में भी अलर्ट जारी किया गया है ताकि संभावित फैलाव को रोका जा सके।

निपाह वायरस क्या है और यह कैसे फैलता है

निपाह वायरस क्या है और यह कैसे फैलता है
निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, जिसका मतलब है कि यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसके मुख्य वाहक फल खाने वाले चमगादड़ हैं, जो वायरस को संक्रमित फलों या अन्य खाद्य वस्तुओं के माध्यम से लोगों तक पहुँचा सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से यह वायरस मानव से मानव में भी फैल सकता है, विशेषकर स्वास्थ्य कर्मियों और परिवार के सदस्यों के बीच।
लक्षण और गंभीरता
निपाह वायरस के लक्षण शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में कठिनाई हो सकते हैं। जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, यह दिमाग की सूजन (एन्सेफलाइटिस) का कारण बन सकता है, जिससे अत्यधिक गंभीर स्थिति या मृत्यु तक हो सकती है। इस वायरस की मृत्यु दर बहुत अधिक मानी जाती है, जो पिछले प्रकोपों में 40 से 75 प्रतिशत तक रही है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम को तैनात किया है और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर निगरानी और संपर्क जांच (Contact Tracing) तेज कर दी है। संक्रमित नर्सों के संपर्क में आए 120 से अधिक लोगों को घर पर अलग-थलग रखा गया है और सभी का परीक्षण किया जा रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से पहले नियंत्रण में लाया जा सके।

चमगादड़ से फैलने के जोखिम और सावधानियां
चीनी खनिज रस जैसे कच्चे या अधखाए फलों को खाने से बचें, क्योंकि चमगादड़ अक्सर इन्हीं पर अपना प्रभुत्व रखते हैं और वायरस फैल सकते हैं। ताजे रस या फल को अच्छी तरह धोकर या गर्म पानी से साफ करके ही सेवन करें। ऐसे स्थानों से दूर रहें जहाँ चमगादड़ों का जमाव हो सकता है।
व्यक्तिगत सुरक्षा और बचाव के उपाय
चूंकि निपाह वायरस के लिए कोई विशेष इलाज या वैक्सीन अभी उपलब्ध नहीं है, इसलिए सावधानियां ही सबसे प्रभावी बचाव हैं। इसमें शामिल है:
बार-बार हाथ धोना, खासकर बाहर से आने के बाद।
संक्रमित या संदिग्ध मरीज के साथ निकट संपर्क से बचना।
स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा संरक्षण गियर (मास्क, ग्लव्स) का उपयोग करना।
खाने-पीने की चीजों को अच्छी तरह से साफ करना और संदिग्ध स्रोत से प्राप्त किसी भी चीज से परहेज करना।
डॉक्टरों का संदेश और सावधानी का संदेश
डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं, लेकिन सतर्क और सावधान रहना आवश्यक है। किसी भी संदिग्ध लक्षण जैसे तेज़ बुखार, सांस की तकलीफ, सिर दर्द दिखने पर तुरंत चिकित्सीय सलाह लें, जिससे शुरुआती पहचान और उपचार संभव हो सके।
यह समाचार सामान्य जानकारी और उपलब्ध स्वास्थ्य रिपोर्टों पर आधारित है। यह किसी विशेषज्ञ मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या संक्रमण के संदिग्ध लक्षणों पर कृपया प्रमाणिक स्वास्थ्य पेशेवर से सलाह लें।

