By: Vikash Kumar (Vicky)
ओवरईटिंग क्या होती है
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग स्वाद और आदत के कारण जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देते हैं। फास्ट फूड, मिठाई और जंक फूड की बढ़ती आदत ओवरईटिंग को आम बना रही है। धीरे-धीरे यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए खतरनाक साबित होती है।

पाचन तंत्र को पहुंचता है नुकसान
जरूरत से ज्यादा खाने से पेट और आंतों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं होने लगती हैं। लंबे समय तक ओवरईटिंग से लिवर और आंतों की कार्यक्षमता भी कमजोर हो सकती है।
तेजी से बढ़ता है वजन
ओवरईटिंग से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होती है जो फैट में बदल जाती है। इससे मोटापा बढ़ता है और पेट, कमर व जांघों पर चर्बी जमा होने लगती है। मोटापा आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है।
डायबिटीज का खतरा बढ़ता हैबार-बार ज्यादा खाने से ब्लड शुगर लेवल बिगड़ने लगता है। शरीर में इंसुलिन पर दबाव बढ़ता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
दिल की सेहत पर बुरा असर
ज्यादा वसा, नमक और चीनी वाला खाना बार-बार खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इससे नसों में ब्लॉकेज बन सकता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है।

मानसिक स्वास्थ्य भी होता है प्रभावित
ओवरईटिंग से सुस्ती, थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। कुछ लोग तनाव में ज्यादा खाते हैं, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
नींद की गुणवत्ता होती है खराब
भारी भोजन करने के बाद शरीर पाचन में व्यस्त रहता है, जिससे नींद सही से नहीं आती। खराब नींद से वजन बढ़ने और हार्मोन असंतुलन की समस्या बढ़ सकती है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी बीमारी या समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

