भारतीय पासपोर्ट की ताकत में बड़ी बढ़ोतरी
साल 2026 की शुरुआत में भारतीय पासपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में जारी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के अनुसार भारतीय पासपोर्ट अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की सूची में 75वें स्थान पर पहुंच गया है। यह पिछले स्थान से पांच पायदान की छलांग है, जो भारत की वैश्विक छवि और यात्रा सुविधाओं में हो रहे सुधार को दर्शाती है।

फरवरी 2026 की नई रैंकिंग में भारत की स्थिति
नवीनतम वैश्विक आंकड़ों के अनुसार साल 2026 की शुरुआत में भारत का पासपोर्ट 80वें स्थान पर था, लेकिन हालिया अपडेट में यह सीधे 75वें स्थान पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संबंधों, कूटनीतिक समझौतों और पर्यटन नीतियों का परिणाम है। इस सुधार से भारतीय यात्रियों के लिए कई देशों में यात्रा करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है।

पासपोर्ट रैंकिंग कैसे तय होती है
अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट रैंकिंग का मुख्य आधार यह होता है कि कोई पासपोर्ट धारक बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा के कितने देशों की यात्रा कर सकता है। जितने अधिक देशों में वीजा फ्री या आसान प्रवेश मिलता है, उस देश के पासपोर्ट की रैंकिंग उतनी ही बेहतर मानी जाती है। इसी आधार पर विश्वभर के पासपोर्ट की ताकत का मूल्यांकन किया जाता है।

भारतीय यात्रियों के लिए क्या है फायदा
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार का सीधा फायदा यात्रियों, छात्रों और बिजनेस पेशेवरों को मिलता है। अधिक देशों में आसान यात्रा सुविधा मिलने से विदेश यात्रा की प्रक्रिया सरल होती है और समय व खर्च दोनों की बचत होती है। इससे पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।

वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत होती छवि
पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार केवल यात्रा सुविधा ही नहीं दर्शाता बल्कि यह देश की वैश्विक प्रतिष्ठा और कूटनीतिक संबंधों को भी मजबूत करता है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका भी इस प्रगति के पीछे प्रमुख कारण हैं।

भविष्य में और बेहतर रैंकिंग की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत कई देशों के साथ नए वीजा समझौते कर सकता है, जिससे भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और मजबूत हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सरल बनाने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में भारतीय यात्रियों को और अधिक देशों में आसान प्रवेश मिल सकता है।

यात्रा और पर्यटन क्षेत्र पर सकारात्मक असर
पासपोर्ट की बेहतर रैंकिंग से भारत के पर्यटन उद्योग को भी लाभ मिलता है। इससे विदेशी निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है और भारत के नागरिकों के लिए वैश्विक अवसरों के नए रास्ते खुलते हैं। छात्रों और पेशेवरों के लिए विदेश में पढ़ाई और काम के अवसर भी बढ़ते हैं।

यह लेख अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। पासपोर्ट रैंकिंग समय-समय पर बदल सकती है और किसी भी देश में यात्रा से पहले आधिकारिक वीजा नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों की जांच अवश्य करें।

