देवघर। साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से देवघर पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता एवं नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 25 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक देवघर, सौरभ (भा.पु.से.) के निर्देश पर मधुपुर अनुमंडल अंतर्गत साइबर अपराध से प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक दौरा किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं डिजिटल अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा पुलिस की तत्परता को और मजबूत करना रहा।

पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में मधुपुर, करौं और मधुपुर थाना क्षेत्र में साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष फोकस किया गया। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों की टीम ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया और उन्हें साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दी।

करौं थाना क्षेत्र में विशेष अभियान
इस दौरान करौं थाना क्षेत्र के अंतर्गत जागाडीह, ककरैथा, नागाडीह, तुलसीटांड़ सहित अन्य गांवों का दौरा किया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को बताया कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन, एटीएम, यूपीआई और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर अपराधी लोगों को आसानी से निशाना बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करने की अपील की गई।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ओटीपी, पिन नंबर या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगती है। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की जानकारी मांगता है तो वह साइबर अपराधी हो सकता है।

मधुपुर थाना क्षेत्र में जागरूकता अभियान
मधुपुर थाना क्षेत्र के पिपरा, खरजोरी, कानो, मुड़ाटांड़, चमरीडीह, दुगनी, पंचरूखी, मुसलीपहाड़ी, जागाडीह सहित कई गांवों में भी पुलिस टीम ने साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर लोगों से संवाद किया। ग्रामीणों को बताया गया कि ऑनलाइन लोन ऐप, फर्जी निवेश स्कीम, केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले कॉल और सोशल मीडिया फ्रॉड से विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है।

पुलिस ने बताया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

TOP (साइबर अपराध नियंत्रण कक्ष) का उद्घाटन
इस अभियान के क्रम में करौं थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जागाडीह में प्रस्तावित TOP (साइबर अपराध नियंत्रण कक्ष) की स्थापना हेतु स्थल का चयन कर निरीक्षण किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस TOP के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।

साथ ही मधुपुर थाना क्षेत्र के साइबर अपराध प्रभावित क्षेत्रों में भी TOP (साइबर अपराध नियंत्रण कक्ष) की स्थापना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि इन नियंत्रण कक्षों के शुरू होने से ग्रामीण इलाकों में साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगेगी और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान मौके पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध), देवघर श्री राजा कुमार मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक श्री शक्ति कपूर, थाना प्रभारी मधुपुर थाना, थाना प्रभारी करौं थाना, सहित कई वरीय एवं कनीय पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने एक स्वर में साइबर अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता को प्राथमिकता देने की बात कही।
आम जनता से अपील
देवघर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस को सूचित करें। जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस प्रशासन भविष्य में भी इस तरह के अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
