By: Vikash Kumar (Vicky )
हैदराबाद के नल्लाकुंटा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। घरेलू विवाद के दौरान एक पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी पत्नी को बच्चों के सामने पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। इतना ही नहीं, मां को बचाने के लिए दौड़ी नाबालिग बेटी को भी आरोपी ने आग में धकेल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा की भयावह तस्वीर भी पेश करती है।
घरेलू विवाद ने लिया खौफनाक रूप
पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार देर रात की है। पीड़िता और उसके पति के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने गुस्से में आकर घर में रखे पेट्रोल को पत्नी पर डाल दिया और आग लगा दी। उस वक्त घर में उनके बच्चे भी मौजूद थे, जिन्होंने अपनी मां को जलते हुए देखा। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी सहम गए।

मां को बचाने गई बेटी को भी आग में धकेला
जब पत्नी आग की लपटों में घिरी हुई मदद के लिए चिल्ला रही थी, तभी उनकी नाबालिग बेटी मां को बचाने के लिए आगे बढ़ी। लेकिन आरोपी पति ने निर्दयता दिखाते हुए बच्ची को भी आग की ओर धकेल दिया। इस घटना में बेटी गंभीर रूप से झुलस गई है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है।
अस्पताल में इलाज के दौरान पत्नी की मौत
घटना के बाद पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। महिला और बच्ची दोनों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। महिला के शरीर का बड़ा हिस्सा जल चुका था, जिससे उसे बचाया नहीं जा सका। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
आरोपी पति गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज
हैदराबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और घरेलू हिंसा सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटना के पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है।
पहले भी होता था झगड़ा, घरेलू हिंसा की आशंका
स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच पहले भी अक्सर झगड़े होते थे। महिला कथित तौर पर घरेलू हिंसा की शिकार थी, लेकिन सामाजिक दबाव और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उसने कभी खुलकर शिकायत नहीं की। यह घटना घरेलू हिंसा के उन मामलों को उजागर करती है, जो अक्सर घर की चारदीवारी में दबकर रह जाते हैं।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारी ने बताया,
“यह एक अत्यंत गंभीर और अमानवीय अपराध है। आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय दिलाने की कोशिश की जा रही है।”
बच्ची की हालत पर नजर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, झुलसी बच्ची को बर्न्स वार्ड में रखा गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। बच्ची को मानसिक आघात भी लगा है और काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना समाज के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि घरेलू हिंसा को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। समय रहते अगर ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज हो और पीड़ितों को सहायता मिले, तो शायद इस तरह की भयावह घटनाओं को रोका जा सकता है।
मदद के लिए हेल्पलाइन
महिला आयोग और पुलिस ने एक बार फिर अपील की है कि घरेलू हिंसा या किसी भी तरह की प्रताड़ना के मामलों में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें। चुप्पी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है।
