By: Vikash Kumar (Vicky)
अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारतीय युवा टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा। वैभव सूर्यवंशी की 175 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के सामने 412 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई और भारत ने 100 रनों से मुकाबला जीतकर रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया।

यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की मजबूत जमीनी संरचना, प्रतिभा पहचान और युवा खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती का प्रमाण है। फाइनल मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी
फाइनल जैसे बड़े मंच पर 175 रन की पारी खेलना किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए सपना होता है। वैभव सूर्यवंशी ने इस सपने को हकीकत में बदला। उन्होंने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि इंग्लैंड के हर गेंदबाज पर दबाव बनाया। उनकी पारी में चौकों-छक्कों की बरसात थी और स्ट्राइक रेट ऐसा कि विपक्षी टीम पूरी तरह हताश नजर आई। वैभव ने शुरुआत संभलकर की, लेकिन जैसे ही पिच को समझा, उन्होंने गियर बदल दिया। स्पिन हो या पेस, हर गेंदबाज को एक जैसा ट्रीटमेंट मिला। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।

भारत का 411 रन का विशाल स्कोर
भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 411 रन का स्कोर खड़ा किया, जो अंडर-19 विश्व कप फाइनल के इतिहास में सबसे बड़े स्कोरों में से एक है। वैभव के अलावा मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने भी तेजतर्रार पारियां खेलीं, जिससे रन गति कभी धीमी नहीं हुई। ओपनिंग साझेदारी ने मजबूत नींव रखी, जिसके बाद वैभव और साथियों ने रन गति को लगातार बढ़ाया। अंतिम 10 ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की, जिससे लक्ष्य 400 के पार पहुंच गया।
इंग्लैंड की लड़खड़ाती शुरुआत
412 रन का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से शानदार लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी की और शुरुआती विकेट झटककर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने बीच में साझेदारी बनाने की कोशिश जरूर की, लेकिन रन रेट का दबाव लगातार बढ़ता गया। भारतीय स्पिनरों और तेज गेंदबाजों ने मिलकर इंग्लैंड को संभलने का मौका ही नहीं दिया।

40.2 ओवर में 311 पर ढेर
इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। कुछ बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए, लेकिन लक्ष्य इतना बड़ा था कि वे टीम को जीत के करीब नहीं ले जा सके। भारत की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया और समय-समय पर विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदें खत्म कर दीं।
भारत का छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब
इस जीत के साथ भारत ने अंडर-19 विश्व कप में अपनी बादशाहत फिर साबित कर दी। यह भारत का छठा खिताब है, जो दर्शाता है कि देश में युवा क्रिकेट प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पहले भी भारतीय अंडर-19 टीम ने कई भविष्य के सितारे दिए हैं, और इस बार भी कई खिलाड़ी भविष्य में सीनियर टीम में नजर आ सकते हैं।

भारतीय क्रिकेट का मजबूत भविष्य
इस जीत ने साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। अंडर-19 स्तर पर इतना परिपक्व प्रदर्शन बताता है कि खिलाड़ी तकनीकी रूप से मजबूत होने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी तैयार हैं। वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के बड़े नाम बन सकते हैं। फाइनल में उनकी पारी आने वाले सालों तक चर्चा में रहेगी।

कप्तान और कोच की रणनीति सफल
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम की रणनीति शानदार रही। सही संयोजन, आक्रामक बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी ने टीम को हर मुकाबले में बढ़त दिलाई। फाइनल में भी कप्तान के फैसले और कोचिंग स्टाफ की तैयारी साफ दिखाई दी।
देशभर में जश्न का माहौल
जैसे ही भारत ने जीत दर्ज की, देशभर में जश्न शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर वैभव सूर्यवंशी और भारतीय टीम की जमकर तारीफ हुई। क्रिकेट प्रेमियों ने इस जीत को भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम भविष्य का संकेत बताया। अंडर-19 विश्व कप 2026 का यह फाइनल भारतीय क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों में शामिल हो गया है। वैभव सूर्यवंशी की 175 रन की पारी, 411 रन का विशाल स्कोर और इंग्लैंड पर 100 रन की जीत—इन सबने मिलकर इस मुकाबले को ऐतिहासिक बना दिया। भारत का छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

