By: Vikash Kumar (Vicky)
क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा मुकाबला माने जाने वाला भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) मैच एक बार फिर संकट के घेरे में आ गया है। राजनीतिक तनाव, सुरक्षा चिंताओं और आयोजकीय दबाव के बीच यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि अगर यह हाई-वोल्टेज मुकाबला रद्द या प्रभावित होता है, तो इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। जानकारों के मुताबिक यह नुकसान करीब 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

भारत-पाकिस्तान मैच केवल एक खेल मुकाबला नहीं, बल्कि करोड़ों दर्शकों की भावनाओं, अरबों रुपये के ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू और ग्लोबल स्पॉन्सरशिप से जुड़ा हुआ इवेंट है। ICC टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा कमाई इसी एक मैच से होती है। चाहे वह वर्ल्ड कप हो, चैंपियंस ट्रॉफी या एशिया कप, IND vs PAK मैच को टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मौजूदा हालात में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट, दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध और आयोजन स्थल को लेकर उठ रहे सवाल ICC के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। अगर किसी भी वजह से यह मुकाबला रद्द होता है या बिना दर्शकों के कराया जाता है, तो इसका सीधा असर ICC की कमाई पर पड़ेगा।

ब्रॉडकास्ट राइट्स ICC की सबसे बड़ी आय का स्रोत होते हैं। भारत-पाकिस्तान मैच के लिए टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स भारी रकम चुकाते हैं। विज्ञापन दरें इस मैच के दौरान कई गुना बढ़ जाती हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार केवल एक IND vs PAK मैच से ब्रॉडकास्ट और विज्ञापन के ज़रिए 150 से 200 करोड़ रुपये तक की कमाई होती है। ऐसे में मैच का रद्द होना ICC के लिए बड़ा वित्तीय झटका साबित हो सकता है।
स्पॉन्सर्स के लिए भी यह मुकाबला सबसे अहम होता है। जर्सी स्पॉन्सर, ऑन-ग्राउंड ब्रांडिंग, डिजिटल कैंपेन और सोशल मीडिया प्रमोशन का पूरा प्लान इसी मैच के इर्द-गिर्द तैयार किया जाता है। अगर मैच नहीं होता, तो स्पॉन्सर्स मुआवजे की मांग कर सकते हैं, जिससे ICC की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

सिर्फ ICC ही नहीं, बल्कि मेज़बान क्रिकेट बोर्ड को भी नुकसान उठाना पड़ता है। स्टेडियम टिकट बिक्री, फैन एंगेजमेंट और लोकल इकोनॉमी पर भी इसका असर पड़ता है। होटल, ट्रैवल और लोकल बिज़नेस को भारत-पाकिस्तान मैच से बड़ा फायदा होता है। मैच रद्द होने की स्थिति में यह पूरा इकोसिस्टम प्रभावित हो सकता है।
ICC पहले भी ऐसे हालात का सामना कर चुका है। अतीत में कई टूर्नामेंट्स में भारत और पाकिस्तान के मैच को लेकर आखिरी समय तक सस्पेंस बना रहा है। हालांकि ICC हर बार कोशिश करता है कि यह मुकाबला किसी न किसी तरह से कराया जाए, क्योंकि यह टूर्नामेंट की TRP और ग्लोबल व्यूअरशिप का सबसे बड़ा फैक्टर होता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ICC पर अप्रत्यक्ष दबाव भी होता है। एक तरफ सुरक्षा और राजनीतिक हालात हैं, तो दूसरी ओर कमर्शियल हित। ICC को दोनों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। यही वजह है कि इस तरह के संकट ICC के लिए सिर्फ खेल से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक फैसला बन जाता है।
फैंस के लिए भी भारत-पाकिस्तान मैच का अलग ही महत्व है। सोशल मीडिया पर इस मुकाबले को लेकर चर्चा तेज़ रहती है। टिकट से लेकर टीवी स्क्रीन तक, हर जगह इस मैच को लेकर उत्साह चरम पर होता है। ऐसे में मैच रद्द होने की खबर फैंस की निराशा को भी बढ़ा देती है।

फिलहाल ICC की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है। बोर्ड स्तर पर बैठकों का दौर जारी है और सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। ICC की प्राथमिकता यही होगी कि टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिरता दोनों को नुकसान न पहुंचे।
आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले का भविष्य क्या होता है। लेकिन इतना तय है कि अगर यह मैच संकट में पड़ता है, तो इसका असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ICC के खजाने पर भी गहरी चोट कर सकता है। करीब 200 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान की आशंका इस बात को और गंभीर बना देती है कि IND vs PAK मैच ICC के लिए कितना अहम है।

