कुवैत से हैदराबाद आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट में बुधवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी की सूचना मिलते ही फ्लाइट में मौजूद सैकड़ों यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इंडिगो के क्रू मेंबर्स ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को मुंबई एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया और वहां सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

इंडिगो की यह फ्लाइट 6E-XXX कुवैत से हैदराबाद के लिए उड़ान भरकर रास्ते में थी। नियमित उड़ान के दौरान क्रू को धमकी भरा मैसेज मिला, जिसमें कहा गया था कि विमान में बम लगाया गया है और इसे उड़ाया जाएगा। फ्लाइट क्रू ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए यात्रियों को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए और ATC को अलर्ट किया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से मुंबई एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला लिया गया।
मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों, CISF, बम स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की टीम पहले से ही रनवे पर तैयार थीं। जैसे ही विमान ने लैंडिंग की, यात्रियों को धैर्यपूर्वक सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया और उन्हें एयरपोर्ट के टर्मिनल में ले जाया गया। किसी भी तरह की भगदड़ या चोट की खबर नहीं है, जो एयरलाइन के त्वरित प्रबंधन और शांतिपूर्ण निकासी प्रक्रिया का परिणाम है।
विमान के खाली होने के बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) की टीम ने विमान की गहन तलाशी शुरू की। फ्लाइट के कार्गो, सीटों, लगेज कंपार्टमेंट और टॉयलेट सहित सभी क्षेत्रों की जांच की गई। पूरी प्रक्रिया में कई घंटे का समय लगा। शुरुआती जानकारी के अनुसार अब तक विमान में किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने जांच पूरी होने तक इसे आधिकारिक रूप से ‘फॉल्स कॉल’ घोषित नहीं किया है।
महाराष्ट्र ATS, CISF, एयरपोर्ट पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। धमकी किस माध्यम से दी गई? किसने दी? और इसका उद्देश्य क्या था? ये सभी सवाल जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों का कहना है कि फ्लाइट को मिली धमकी का स्रोत पता लगाया जा रहा है और पता चलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एयरलाइन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा गया है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें आगे की उड़ान या रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
इस घटना के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान रनवे को अस्थायी रूप से खाली कराया गया, जिससे कुछ उड़ानों को डिले या डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद एयर ट्रैफिक संचालन फिर से शुरू कर दिया गया।
यात्रियों ने बताया कि धमकी की जानकारी मिलते ही विमान में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। कई यात्री रो पड़े, जबकि कुछ ने क्रू की सलाह पर संयम बनाए रखा। यात्रियों ने क्रू की तत्परता और शांतिपूर्ण व्यवहार की सराहना की। एक यात्री ने कहा, “जैसे ही क्रू ने हमें बताया कि फ्लाइट मुंबई की ओर डायवर्ट हो रही है, हम समझ गए कि कुछ गंभीर है। लेकिन क्रू ने हमें लगातार भरोसा दिलाया और यही वजह है कि हम शांत रह सके।”
भारत में बढ़ते एविएशन ट्रैफिक के बीच सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। देश के कई हवाईअड्डों पर पहले भी इस तरह की धमकियां मिलती रही हैं, जिनमें अधिकतर फर्जी साबित हुईं। लेकिन हर बार सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि जरा-सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
इंडिगो और DGCA ने भी घटना की पुष्टि की है। DGCA ने कहा है कि प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्रवाई की गई और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। एयरलाइन ने यात्रियों के परिवारों को भी स्थिति की जानकारी दी है ताकि किसी प्रकार की गलत सूचना या पैनिक न फैले।
जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में धमकी इंटरनेशनल नंबर से आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। तकनीकी टीम उस मैसेज या कॉल के डिजिटल ट्रेल को ट्रैक कर रही है जिसके आधार पर धमकी मिली थी। यदि धमकी फर्जी साबित होती है, तो आरोपी पर कड़े साइबर और एविएशन सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभी यात्रियों की स्थिति सुरक्षित है और एयरपोर्ट पर सुरक्षा सामान्य हो गई है। विमान की जांच पूरी होने और क्रू की पूछताछ के बाद DGCA घटना की पूरी रिपोर्ट जारी करेगी। यह गंभीर घटना फिर से एयरलाइन सुरक्षा और टेकऑफ़-लैंडिंग प्रोटोकॉल की अहमियत को रेखांकित करती है।

