रांची। झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) – 2024 बैच के परीक्ष्यमान पदाधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने न केवल अपनी ट्रेनिंग से जुड़े अनुभव साझा किए, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अपने संकल्प को भी दोहराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें झारखंड की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिसिंग के बदलते स्वरूप और नई चुनौतियों से निपटने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।

कौन-कौन पहुंचे मुलाकात करने?
इस शिष्टाचार भेंट में IPS 2024 बैच के तीन परीक्ष्यमान अधिकारी शामिल थे—
श्री अंकित सिन्हा
श्री राजकुमार जयराजू
सुश्री साक्षी जमुआर
ये तीनों अधिकारी 77वीं आरआर बैच के हैं और 23 नवंबर 2025 को झारखंड कैडर में योगदान दिए हैं। मुलाकात का उद्देश्य प्रशिक्षण अनुभवों को साझा करना, राज्य की पुलिस कार्यप्रणाली को समझना और आने वाले कार्यकाल को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त करना था।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
मुलाकात के दौरान झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग के निदेशक श्री अखिलेश कुमार झा तथा पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) ए. विजया लक्ष्मी भी मौजूद रहीं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति से न केवल युवा IPS अधिकारियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि मुख्यमंत्री को इनके प्रशिक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट भी उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री ने दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नव-नियुक्त अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि झारखंड एक विविध और चुनौतीपूर्ण राज्य है, जहां आधुनिक पुलिसिंग के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण भी बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि—
पुलिसिंग में जनता के साथ संवाद सबसे महत्वपूर्ण हथियार है
सड़क, जंगल, आदिवासी बहुल और ग्रामीण इलाकों में संवेदनशीलता के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिक दायित्व है
तकनीक आधारित पुलिसिंग, साइबर क्राइम, नशा कारोबार, मानव तस्करी जैसी चुनौतियों पर विशेष फोकस करना होगा
प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त दक्षता को मैदान स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे में नए अधिकारियों का ऊर्जा, नई सोच और तकनीकी समझ राज्य के लिए उपयोगी साबित होगी।
अधिकारियों ने साझा किए ट्रेनिंग अनुभव
मुलाकात के दौरान IPS अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण काल में हुए फील्ड एक्सपोजर, ग्राउंड ऑपरेशन की समझ, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और पब्लिक पोलिसिंग मॉडल पर अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि—
प्रशिक्षण में सामुदायिक पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया
माओवादी प्रभावित इलाकों की सुरक्षा रणनीतियों को समझने का अवसर मिला
राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना को नजदीक से जानने का मौका मिला
आधुनिक हथियार, साइबर सुरक्षा और इंटेलिजेंस गैदरिंग पर खास प्रशिक्षण मिला
राज्य में बेहतर पुलिसिंग का संकल्प
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे राज्य की सुरक्षा को नई ऊंचाई देने के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे बहुआयामी राज्य में सेवा करने का अवसर उनके लिए गर्व की बात है।
वे अपराध नियंत्रण, जनता की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
झारखंड कैडर में नई ऊर्जा का संचार
77वीं आरआर बैच के इन IPS प्रशिक्षुओं के शामिल होने से राज्य की पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा, नई सोच और आधुनिक तकनीकी समझ का संचार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैच के अधिकारियों में नेतृत्व क्षमता मजबूत है, जो आने वाले समय में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तरीय सुरक्षा ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री का संदेश: जनता का विश्वास ही पुलिस की ताकत
मुलाकात के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर जितनी मजबूत होगी, सुरक्षा व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे लोगों की समस्याओं को समझें, संवेदनशील होकर काम करें और पारदर्शिता बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने तीनों अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे भविष्य में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

