By: Vikash Kumar (Vicky)
तिरुवनंतपुरम। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज का समापन शानदार अंदाज़ में करते हुए आखिरी मुकाबला 46 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दर्शकों को रोमांच, आक्रामक बल्लेबाज़ी और घातक गेंदबाज़ी तीनों का बेहतरीन संगम देखने को मिला।

इस मुकाबले को खास बनाने वाली बात यह रही कि यह मैच केरल के अपने घरेलू मैदान पर संजू सैमसन के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक संजू से एक बड़ी और यादगार पारी की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि संजू इस उम्मीद पर खरे नहीं उतर सके, लेकिन भारतीय टीम के अन्य बल्लेबाज़ों ने दर्शकों को निराश नहीं किया।

भारत की ओर से पारी की शुरुआत करने आए ईशान किशन ने पहले ही ओवर से न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों पर आक्रमण कर दिया। ईशान ने तेज़ रन बनाने के साथ-साथ शानदार शॉट्स लगाए और पावरप्ले में ही मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। उन्होंने आक्रामक अंदाज़ में अर्धशतक पूरा किया और विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया।
ईशान किशन के बाद सूर्यकुमार यादव ने अपनी खास शैली में बल्लेबाज़ी की। सूर्यकुमार ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स खेले और न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी। उनके अभिनव शॉट्स और तेज़ रन गति ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दोनों बल्लेबाज़ों की साझेदारी ने भारतीय पारी को मज़बूत आधार दिया।

मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम का स्कोर इतना मजबूत था कि न्यूजीलैंड के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं लग रहा था।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह ने अपनी घातक स्विंग गेंदबाज़ी से न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया। अर्शदीप ने शुरुआती ओवरों में ही अहम विकेट चटकाए और विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी।

अर्शदीप सिंह की गेंदों पर बल्लेबाज़ पूरी तरह असहज नज़र आए। उनकी सटीक लाइन, लेंथ और गति ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने मैच में अपने ‘पंजे’ से कई अहम विकेट हासिल किए और भारत की जीत की नींव रखी।
स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। दोनों ने रन गति पर लगाम लगाई और बीच के ओवरों में न्यूजीलैंड की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। लगातार गिरते विकेटों के चलते न्यूजीलैंड की टीम दबाव में आ गई।

हालांकि न्यूजीलैंड के कुछ बल्लेबाज़ों ने संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों की अनुशासित गेंदबाज़ी के सामने उनकी एक न चली। पूरी टीम निर्धारित ओवर पूरे होने से पहले ही सिमट गई और भारत ने यह मुकाबला 46 रन से अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज 4-1 से जीत ली। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खास रही, जहां कई नए चेहरों ने अपने प्रदर्शन से टीम प्रबंधन का भरोसा जीता।
मैच के बाद कप्तान ने टीम की तारीफ करते हुए कहा कि यह सीरीज आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। वहीं, ईशान किशन और अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन को भी खास तौर पर सराहा गया।

ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय टीम का बेंच स्ट्रेंथ बेहद मजबूत है और युवा खिलाड़ी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
