By: Vikash Kumar (Vicky)
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल में स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सतर्कता एडवाइजरी जारी की है और सभी भारतीयों से सावधानी बरतने की अपील की है।

सूत्रों के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके बाद ईरान ने बयान जारी कर कहा कि वह इस हमले का उचित समय पर जवाब देगा। ईरान के अधिकारियों ने इसे उकसाने वाली कार्रवाई बताते हुए कहा कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
इस घटनाक्रम के बाद पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। तेल अवीव, यरुशलम और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस तनाव को लेकर चिंतित है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।

इसी बीच, इजरायल में मौजूद भारतीय दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर वहां रह रहे भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। दूतावास ने सलाह दी है कि सभी भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और आपात स्थिति में दूतावास के संपर्क में रहें। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि भारतीय नागरिक अपने दस्तावेज सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि भारत स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है। नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है और इजरायल में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने पहले भी ऐसे हालात में अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान अपनी धमकी के मुताबिक जवाबी कार्रवाई करता है तो क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा सकता है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी असर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में पहले ही हलचल देखी जा रही है। शेयर बाजारों में भी अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई का मकसद क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करना हो सकता है, जबकि ईरान इसे अपनी सुरक्षा के खिलाफ साजिश मान रहा है। यह टकराव लंबे समय से चली आ रही भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा है।

इजरायल में लगभग हजारों की संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें छात्र, पेशेवर और श्रमिक शामिल हैं। भारतीय दूतावास लगातार समुदाय के संपर्क में है और सोशल मीडिया तथा आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपडेट जारी कर रहा है। दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए हैं।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने स्थिति को शांत करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
भारत ने हमेशा से मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता का समर्थन किया है। भारत के इजरायल और ईरान दोनों के साथ कूटनीतिक संबंध हैं और वह संतुलित रुख अपनाता रहा है। ऐसे में नई दिल्ली के लिए यह स्थिति संवेदनशील है।

फिलहाल सभी की नजर ईरान की अगली रणनीति पर टिकी है। यदि जवाबी कार्रवाई होती है तो क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।
स्थिति तेजी से बदल रही है और आने वाले दिनों में इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

