By: Vikash Kumar (Vicky)
लखनऊ: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने इजराइल में कार्यरत प्रदेश के नागरिकों को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। योगी सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार इजराइल में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के 6 हजार से अधिक मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं और वहां की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क मोड में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इजराइल में रह रहे प्रदेशवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
24×7 हेल्पलाइन जारी
सरकार ने इजराइल में रह रहे मजदूरों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने परिजन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकता है या किसी भी प्रकार की सहायता के लिए संपर्क कर सकता है। अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन पर लगातार कॉल्स की मॉनिटरिंग की जा रही है और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को भी निर्देश दिया है कि जिन जिलों के नागरिक बड़ी संख्या में इजराइल में कार्यरत हैं, वहां विशेष नियंत्रण कक्ष बनाए जाएं। परिजनों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की गई है।

सरकार की सतर्कता और समन्वय
उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के माध्यम से इजराइल स्थित भारतीय दूतावास से नियमित अपडेट प्राप्त किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में इजराइल में काम कर रहे सभी पंजीकृत मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की तत्काल खतरे की सूचना नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि हालात में कोई बदलाव होता है तो तत्काल रेस्क्यू या निकासी की योजना तैयार रखी जाए। इसके लिए श्रम विभाग, गृह विभाग और प्रवासी भारतीय प्रकोष्ठ को सक्रिय रखा गया है।

मजदूरों की भूमिका और योगदान
उत्तर प्रदेश के हजारों मजदूर इजराइल में निर्माण, कृषि और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत हैं। हाल के वर्षों में भारत और इजराइल के बीच श्रम सहयोग बढ़ा है, जिसके तहत बड़ी संख्या में कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिक वहां गए हैं। इन मजदूरों का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है क्योंकि वे अपने परिवारों को नियमित रूप से धनराशि भेजते हैं। सरकार ने कहा है कि प्रदेश के इन श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। यदि किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की समस्या आती है तो तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

परिजनों में चिंता, सरकार की अपील
मिडिल ईस्ट में तनाव की खबरों के बाद प्रदेश के कई जिलों में मजदूरों के परिवारों में चिंता देखी गई। हालांकि सरकार के बयान के बाद काफी हद तक राहत मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इजराइल के जिन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के मजदूर कार्यरत हैं, वहां स्थिति नियंत्रण में है। सरकार ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए केवल सरकारी हेल्पलाइन या अधिकृत स्रोतों से संपर्क करें।
आपात स्थिति के लिए तैयार योजना
प्रदेश सरकार ने बताया है कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो केंद्र सरकार के सहयोग से तत्काल निकासी अभियान चलाया जा सकता है। इसके लिए संभावित सूची तैयार की जा रही है और सभी मजदूरों के संपर्क विवरण अपडेट किए जा रहे हैं। प्रशासन ने यह भी कहा कि मजदूरों को स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल किसी भी प्रकार की पैनिक स्थिति नहीं है और सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर हैं।

सरकार का स्पष्ट संदेश
योगी सरकार ने दोहराया है कि इजराइल में रह रहे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। राज्य सरकार हर पल की अपडेट पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाएगी।
प्रदेश सरकार का कहना है कि संकट की इस घड़ी में संयम और सतर्कता जरूरी है। इजराइल में कार्यरत 6 हजार से अधिक मजदूर सुरक्षित हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। 24×7 हेल्पलाइन के जरिए हर समस्या का समाधान किया जाएगा और परिजनों को समय-समय पर जानकारी दी जाती रहेगी।

