By: Vikash Kumar (Vicky)
डोडा: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक खबर सामने आई है। भदरवाह सब-डिवीजन के थानाला इलाके में भारतीय सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गया। इस भीषण हादसे में देश की रक्षा में तैनात 10 वीर जवानों ने बलिदान दे दिया, जबकि 7 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह हादसा पूरे देश को झकझोर देने वाला है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना का यह वाहन नियमित ड्यूटी के तहत एक यूनिट से दूसरी यूनिट की ओर जा रहा था। रास्ता बेहद संकरा, घुमावदार और पहाड़ी होने के कारण अचानक वाहन चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे गाड़ी सीधे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन के गिरते ही उसके परखच्चे उड़ गए।
राहत और बचाव कार्य में जुटी सेना व प्रशासन
हादसे की सूचना मिलते ही सेना, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने भी मानवता का परिचय देते हुए बचाव कार्य में मदद की। घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद भदरवाह और डोडा के सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल कुछ जवानों को बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से जम्मू रेफर किया गया है।
देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूत
इस हादसे में बलिदान हुए जवान देश के अलग-अलग राज्यों से थे और वे सभी भारतीय सेना की अहम जिम्मेदारियों को निभा रहे थे। सेना ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि
“यह एक बेहद दुखद घटना है। भारतीय सेना अपने वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करती है और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।”
पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े हो गए हैं। डोडा, किश्तवाड़ और भदरवाह जैसे इलाकों में सड़कें बेहद संकरी हैं और कई स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग की भी कमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब मौसम, संकरी सड़कें और तीखे मोड़ अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनते हैं। सेना के वाहन भारी होते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने पर दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
मौसम भी बना हादसे की वजह?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हादसे के समय क्षेत्र में हल्की बारिश और कोहरा था, जिससे दृश्यता कम हो गई थी। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजहों की पुष्टि के लिए सेना ने जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और सड़क की स्थिति को संभावित कारण माना जा रहा है।
राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने जताया शोक
इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि
“डोडा में सेना के वाहन हादसे में हमारे वीर जवानों के बलिदान से अत्यंत दुखी हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना के जवानों का यह बलिदान देश हमेशा याद रखेगा।

ड्यूटी के दौरान बलिदान—अमर रहेंगे जवान
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में तैनात जवान न सिर्फ आतंकवाद से लड़ते हैं, बल्कि प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौतियों का भी सामना करते हैं। ऐसे हादसे उनके कठिन जीवन और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाते हैं।
जांच जारी, सुरक्षा उपायों पर मंथन
सेना और प्रशासन की संयुक्त टीम हादसे की विस्तृत जांच कर रही है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों, गाड़ियों की तकनीकी जांच और ड्राइवरों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही जा रही है।

