By: Vikash Kumar (Vicky )
जमुई/बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण जमुई–जसीडीह रेलखंड पर शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा हो गया। सिमुलताला स्टेशन के पास स्थित पुल पर सीमेंट से लदी मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 17 बोगियां पटरी से उतर गईं। हादसे के बाद रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है और इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया गया है।
सुबह तड़के हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी सीमेंट लेकर जा रही थी और जब ट्रेन सिमुलताला पुल के पास पहुंची, तभी अचानक तेज झटका लगा। कुछ ही सेकेंड में एक के बाद एक बोगियां पटरी से उतर गईं। डिरेलमेंट इतना गंभीर था कि कई बोगियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं, जबकि कुछ पुल के किनारे झुक गईं।
कोई जनहानि नहीं, राहत की बात
हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, जो राहत की बात है। मालगाड़ी में केवल लोको पायलट और गार्ड मौजूद थे, जिन्हें मामूली चोटें आईं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई है।

रेल यातायात पूरी तरह ठप
हादसे के बाद जमुई–जसीडीह रेलखंड पर रेल संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया। इस रूट से गुजरने वाली कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कई को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया है। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे का राहत एवं बचाव कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग टीम, आरपीएफ और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। क्रेन और भारी मशीनों की मदद से डिरेल बोगियों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। रेलवे ने दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) को भी मौके पर भेजा है।
कितना समय लगेगा ट्रैक बहाली में?
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, 17 बोगियों के पटरी से उतरने के कारण ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा है। स्लीपर, रेल पटरी और ओवरहेड उपकरणों की भी क्षति हुई है। ट्रैक की बहाली में कम से कम 24 से 36 घंटे का समय लग सकता है। हालांकि रेलवे अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और जल्द से जल्द यातायात बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
हादसे की जांच के आदेश
रेलवे प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या ट्रैक में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा भी मामले की जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों में दहशत
हादसे के बाद सिमुलताला और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। कई लोगों ने बताया कि पहले जोरदार धमाके जैसी आवाज आई और फिर देखा कि मालगाड़ी की बोगियां पटरी से उतर चुकी हैं।
रेलवे ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें। रेलवे स्टेशन और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार अपडेट साझा किए जा रहे हैं।
इस रूट की अहमियत
जमुई–जसीडीह रेलखंड बिहार और झारखंड के बीच एक महत्वपूर्ण रेल मार्ग है। इस रूट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में पैसेंजर ट्रेनें और मालगाड़ियां गुजरती हैं। सीमेंट, कोयला और अन्य औद्योगिक सामान की ढुलाई इसी रूट से होती है, ऐसे में हादसे का असर माल ढुलाई और यात्री यातायात दोनों पर पड़ा है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
यह पहला मौका नहीं है जब इस रेलखंड पर हादसा हुआ हो। इससे पहले भी तकनीकी खराबी और ट्रैक में दिक्कतों के कारण छोटी-बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में एक बार फिर रेल सुरक्षा और ट्रैक मेंटेनेंस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रेलवे का बयान
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण है। राहत और बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है। प्राथमिकता ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त कर रेल संचालन बहाल करने की है। हादसे के कारणों की गहन जांच की जाएगी।”
