By: Vikash Kumar (Vicky)
2026 में जापान के माउंट फूजी के पास स्थित छोटे से शहर फुजियोशिदा ने अपनी मशहूर चेरी ब्लॉसम (Sakura) फेस्टिवल को अचानक रद्द कर देने का बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। यह त्योहार हर साल वसंत ऋतु में दुनिया भर से लाखों सैलानियों को अपनी ओर खींचता था, लेकिन इस बार आयोजकों ने इसे रद्द कर देने का ऐलान कर दिया है। वजह आपको हैरान कर सकती है — यह कोई प्राकृतिक आपदा या आर्थिक संकट नहीं, बल्कि ओवरटूरिज्म और पर्यटकों के अनुचित व्यवहार से जुड़ी है।

दरअसल, यह चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल मुख्य रूप से पार्क में आयोजित होता था, जहाँ से आप माउंट फूजी के शानदार दृश्य के बीच गुलाबी चेरी ब्लॉसम का आनंद ले सकते थे। यह दृश्य सैलानियों और फोटोग्राफरों के लिए एक ड्रीम फोटो स्पॉट बन चुका था। लेकिन जैसे-जैसे साल दर साल पर्यटन की संख्या बढ़ती गई, इस खूबसूरत परंपरा का स्वरूप बदलते हुए एक चिंता का विषय बन गया।

भीड़ और ट्रैफिक का बढ़ता बोझ
फुजियोशिदा जैसे छोटे शहर की कुछ सीमित सड़कें और पार्किंग स्पॉट उस भीड़ को संभालने में पूरी तरह सक्षम नहीं थे। हर साल यह अनुमान लगाया गया था कि लगभग 2,00,000 से अधिक लोग फेस्टिवल के दौरान आते थे, और बसंत के समय रोज़ाना 10,000 से ज्यादा लोग भीड़ का हिस्सा बनते थे। इससे आसपास के मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम और लंबी कतारें लगने लगीं।

स्थानीय लोगों ने परेशान होकर कहा कि भीड़ न केवल सड़कों पर अत्यधिक जाम पैदा करती है बल्कि रोज़मर्रा के जीवन को भी प्रभावित करती है। कई निवासियों को अपने घरों तक जाने में भी घंटे लग जाते थे, और पार्किंग न मिलने से लोग गलियों में गाड़ियाँ खड़ी कर देते थे, जिससे जीवन सामान्य रूप से प्रभावित होने लगा।
बदतमीज़ पर्यटकों के कारण संकट
सबसे बड़ी समस्या वहाँ कुछ पर्यटकों के अनुचित व्यवहार से उत्पन्न हुई। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कुछ सैलानी:
बिना अनुमति निजी घरों के दरवाज़े खोलकर वहाँ शौचालय इस्तेमाल करने की कोशिश करते थे
पार्क या आसपास की जगहों में कचरा फैलाते थे कुछ मामलों में निजी बगीचों में खुले में शौच करने तक की शिकायतें दर्ज हुईं पड़ोसियों के घरों को परेशान किया गया इस तरह के व्यवहार ने स्थानीय लोगों में “आत्म-गौरव और शांतिपूर्ण जीवन” के खतरे का अहसास पैदा किया। फुजियोशिदा के मेयर शिगेरु होरियुची ने इसे एक “सामुदायिक संकट” बताया और कहा कि अब ऐसा माहौल बन गया है जहाँ स्थानीयों की गरिमा और शांति खतरे में पड़ सकती है।

ओवरटूरिज्म: जापान का बड़ा मुद्दा
यह समस्या सिर्फ फुजियोशिदा तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में जापान में पर्यटन की संख्या बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसके चलते स्थानीय समुदायों और पर्यटकों के बीच तनाव बढ़ गया है। 2025 में जापान में लगभग 42.7 मिलियन सैलानी पहुंचे, जो इससे पहले के रिकॉर्ड को पार कर गए। यह वृद्धि मुख्य रूप से कमजोर येने (¥) के कारण है, जिससे विदेशी सैलानियों के लिए यात्रा जापान सस्ती और आकर्षक हो गई है। अनेक लोकप्रिय स्थल जैसे क्योटो, नारा, टोक्यो आदि भी भीड़ और असभ्य व्यवहार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई स्थानों पर स्थानीय प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जैसे फोटो स्पॉट पर प्रतिबंध, पर्यटन शुल्क, या सैलानियों की संख्याओं पर नियंत्रण।

फेस्टिवल रद्द, लेकिन चेरी ब्लॉसम नहीं
महत्वपूर्ण बात यह है कि चेरी ब्लॉसम के मौसम को अभी भी देखा जा सकता है। केवल आधिकारिक फेस्टिवल आयोजन को रद्द किया गया है — फूलों का खिलना तो वैसे ही हर साल की तरह जारी रहेगा। इसका मतलब यह है कि लोग बसंत ऋतु में वहाँ जा सकते हैं, लेकिन अब आयोजकों की ओर से न तो कार्यक्रम होंगे और न ही कोई बड़ा संगठन।

स्थानीय प्रशासन का मानना है कि फेस्टिवल रद्द करने से भीड़ के बढ़ने की समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी, क्योंकि सीनिक बिंदुओं पर लोग फिर भी भारी संख्या में आएँगे। इसलिए सुरक्षा उपायों, अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण जैसे कदम अब जारी रहेंगे।
