By: Vikash Kumar (Vicky)
रांची। झारखंड सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का ‘अबुआ दिशोम’ बजट विधानसभा में पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है और राज्य के गरीब, किसान, महिला, युवा तथा वंचित वर्गों के समग्र विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सरकार का दावा है कि यह बजट झारखंड को आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

‘अबुआ दिशोम’ का अर्थ है – ‘अपना राज्य’। इसी सोच के साथ तैयार इस बजट में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया है।
1. कृषि और किसान कल्याण
कृषि क्षेत्र के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। सिंचाई योजनाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि उपकरणों पर अनुदान और फसल बीमा कवरेज बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। लघु और सीमांत किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

2. महिला सशक्तिकरण
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव है। पोषण, मातृत्व स्वास्थ्य और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए अलग फंड आवंटित किया गया है।
3. युवा और रोजगार
राज्य में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्टार्टअप नीति को और प्रभावी बनाया जाएगा तथा सरकारी रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का ऐलान किया गया है।

4. शिक्षा क्षेत्र
सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना सुधार, डिजिटल क्लासरूम और उच्च शिक्षा संस्थानों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। छात्रवृत्ति योजनाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को लाभ मिल सके।
5. स्वास्थ्य सेवाएं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ करने, जिला अस्पतालों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और डॉक्टरों की नियुक्ति बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की संख्या बढ़ेगी।
6. आदिवासी और वंचित वर्ग
आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल योजनाओं के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। पारंपरिक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी अलग बजट रखा गया है।
7. बुनियादी ढांचा
सड़क निर्माण, पुल-पुलिया और ग्रामीण संपर्क मार्गों के विस्तार पर जोर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट सुविधाओं के विकास के लिए भी राशि निर्धारित की गई है।

8. सामाजिक सुरक्षा
वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बजट में वृद्धि की गई है। लाभार्थियों को DBT के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि भेजने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
9. उद्योग और निवेश
राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू करने का संकेत दिया गया है। MSME सेक्टर को प्रोत्साहन और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
10. पर्यावरण और जल संरक्षण
जल संरक्षण योजनाओं, वनीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। वर्षा जल संचयन और जलाशयों के पुनर्जीवन पर बल दिया गया है।

11. वित्तीय अनुशासन
सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने और राजस्व संग्रह बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। कर प्रणाली को सरल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि ‘अबुआ दिशोम’ बजट राज्य की जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विपक्ष ने हालांकि कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि यह बजट झारखंड के समावेशी और संतुलित विकास का रोडमैप साबित होगा।
कुल मिलाकर 1.58 लाख करोड़ रुपये का यह बजट राज्य के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया व्यापक दस्तावेज है, जिसका उद्देश्य विकास की गति को तेज करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

