रांची: झारखंड सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 12 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत प्रस्तावों पर विचार होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी कल्याण से जुड़े अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले होने जा रही है, इसलिए कई ऐसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं जिन पर सरकार अपनी छवि मजबूत करना चाहती है। हेमंत सरकार इस बैठक के जरिए राज्य के विकास कार्यों को तेज गति देने की योजना बना रही है।
विकास और रोजगार पर फोकस
जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में रोजगार सृजन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। राज्य सरकार ने पिछले कुछ महीनों में स्थानीय युवाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्र में नए अवसर खोलने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस बैठक में झारखंड रोजगार नीति 2025 के कुछ प्रावधानों को और प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
साथ ही, ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार योजनाओं और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए वित्तीय पैकेज को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके तहत महिला स्व-सहायता समूहों, कुटीर उद्योगों और युवा उद्यमियों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।
कृषि और सिंचाई योजनाओं को मिलेगी प्राथमिकता
झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य होने के कारण कैबिनेट में कृषि सुधार और सिंचाई योजनाओं पर भी विशेष चर्चा होगी। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई कृषि सब्सिडी नीति और सिंचाई विस्तार परियोजना लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, मानसून के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए सरकार रबी फसल के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है। साथ ही, जल संरक्षण योजनाओं जैसे ‘जल जीवन मिशन’ और ‘सूखा राहत योजना’ के तहत बजट आवंटन बढ़ाने पर भी विचार होगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार पर भी जोर
बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित कई प्रस्ताव रखे जा सकते हैं। इनमें राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षा संस्थानों में नई नियुक्तियों को मंजूरी देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी कई महत्वपूर्ण एजेंडे लाए जा सकते हैं। इनमें राज्य के सभी जिलों में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना, टेलीमेडिसिन सेवा विस्तार और स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को तेज करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाओं को मंजूरी दे सकती है।
आदिवासी और पिछड़ा वर्ग कल्याण पर चर्चा
हेमंत सोरेन सरकार का हमेशा से फोकस आदिवासी समुदाय और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण पर रहा है। बैठक में आदिवासी छात्रावासों के निर्माण, आदिवासी भाषा और संस्कृति संरक्षण, और पारंपरिक कला-हस्तशिल्प के संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को हरी झंडी मिल सकती है।
इसके साथ ही, ओबीसी आरक्षण नीति के विस्तार और नए कल्याण बोर्डों के गठन से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
राज्य कर्मचारियों के हित में फैसले
कैबिनेट की बैठक में राज्य कर्मचारियों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जा सकते हैं। इनमें महंगाई भत्ता (DA) वृद्धि, वेतन विसंगति समाधान, और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन सुविधा सुधार से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा, पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रमोशन और स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव भी चर्चा के एजेंडे में रहेंगे।
राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी रिपोर्ट पेश होगी
वित्त विभाग इस बैठक में राज्य की राजकोषीय स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा। इसमें केंद्र से मिलने वाले अनुदानों की स्थिति, राज्य के कर राजस्व, और विकास योजनाओं पर खर्च की समीक्षा शामिल होगी।
सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए बजट तैयार करने से पहले इस रिपोर्ट के आधार पर अपनी प्राथमिकताओं को तय करेगी।
नीतिगत फैसलों से सरकार की साख मजबूत करने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट बैठक हेमंत सोरेन सरकार के लिए अहम साबित हो सकती है। विधानसभा चुनावों से पहले सरकार विकास और जनकल्याण से जुड़े ठोस कदम उठाकर अपनी साख मजबूत करना चाहती है।
बीते कुछ महीनों में विपक्ष ने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया था। ऐसे में इस बैठक के जरिए हेमंत सरकार विकास का रोडमैप पेश कर जनता को जवाब देना चाहती है।
अंतिम निर्णयों पर टिकी नजर
बैठक के बाद जारी होने वाली आधिकारिक विज्ञप्ति में यह साफ होगा कि किन-किन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। हालांकि यह तय है कि 12 नवंबर को होने वाली झारखंड कैबिनेट बैठक राज्य के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

