By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड में सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा सामने आया है। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस चॉटर प्लेन झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया इलाके में क्रैश हो गई। हादसे के वक्त विमान में पायलट और क्रू मेंबर समेत कुल 7 लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एयर एंबुलेंस रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अचानक आसमान से तेज आवाज सुनी और फिर धुएं का गुबार उठता देखा। इसके बाद पता चला कि विमान सिमरिया क्षेत्र के एक खेत में गिर गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम मलबा हटाने में जुटी रही। घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान नीचे आते समय असंतुलित दिखाई दे रहा था। कुछ लोगों का कहना है कि विमान में आग भी लगी थी। दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
एयर एंबुलेंस सेवा आमतौर पर गंभीर मरीजों को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विमान में कोई गंभीर मरीज भी सवार था। प्रशासन की ओर से अभी इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।

राज्य सरकार ने हादसे पर दुख जताया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी इस दुर्घटना की जांच सौंपी जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स और तकनीकी जांच के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों का पता चल सकेगा।
पिछले कुछ वर्षों में छोटे विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। तकनीकी खराबी, खराब मौसम और मानवीय त्रुटि अक्सर ऐसे हादसों के प्रमुख कारण होते हैं। हालांकि इस मामले में मौसम सामान्य बताया जा रहा है, जिससे तकनीकी खराबी की आशंका अधिक जताई जा रही है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर हादसे से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनकी पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। यदि इस हादसे में किसी की जान गई है तो राज्य सरकार मुआवजे की घोषणा भी कर सकती है।
हवाई सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एयर एंबुलेंस सेवाओं में उपयोग किए जाने वाले विमानों की नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में यह जांच

