By: Vikash Kumar (Vicky)
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण उस समय देखने को मिला जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लंदन स्थित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के ऐतिहासिक आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर को मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के सबसे भावुक, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण पलों में से एक बताया।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बाबा साहेब को नमन करते हुए कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार आज भी भारत की आत्मा में जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब केवल संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक न्याय, समानता और मानव गरिमा के सबसे बड़े प्रहरी थे।
“बाबा साहेब के विचार आज भी मार्गदर्शक” : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता ने भारत जैसे विविधताओं से भरे विशाल देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की नींव रखी। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का सपना था एक ऐसा भारत जहां जाति, धर्म, वर्ग या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव न हो और हर नागरिक को समान अवसर मिले।

उन्होंने कहा,
“बाबा साहेब ने हमें सिर्फ अधिकारों का संविधान नहीं दिया, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीने का साहस भी दिया। आज जब हम गणतंत्र दिवस मना रहे हैं, तो यह अवसर हमें उनके मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।”
ऐतिहासिक आवास पर श्रद्धांजलि, गेस्ट बुक में दर्ज किए भाव
लंदन स्थित डॉ. अंबेडकर के इस ऐतिहासिक आवास को विश्वभर में सामाजिक समानता और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक माना जाता है। इसी आवास में रहते हुए बाबा साहेब ने अपने कई महत्वपूर्ण विचारों को आकार दिया था।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की और वहां रखी गेस्ट बुक में अपने भाव भी अंकित किए। उन्होंने लिखा कि बाबा साहेब के विचार आज भी भारत को सही दिशा दिखाने वाले प्रकाश स्तंभ हैं।
सामाजिक न्याय की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, संकल्प और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने वंचितों, दलितों और पिछड़ों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी हर जनप्रतिनिधि और नागरिक के लिए प्रेरणा है।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार बाबा साहेब के सपनों के अनुरूप सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। राज्य में आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।
गणतंत्र दिवस और बाबा साहेब का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस और बाबा साहेब का संबंध अविभाज्य है क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारा लोकतंत्र समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आज जब भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित है, तो इसके पीछे बाबा साहेब की दूरदर्शिता और अद्वितीय योगदान है।

झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार बाबा साहेब के आदर्शों पर चलते हुए झारखंड को सामाजिक समरसता, समावेशी विकास और न्यायपूर्ण शासन की दिशा में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि बाबा साहेब का सपना केवल कानून बनाना नहीं था, बल्कि समाज की मानसिकता बदलना था, और यही आज की सबसे बड़ी चुनौती है।
प्रतिनिधिमंडल भी रहा मौजूद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार तथा अंबेडकर म्यूजियम के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।

देशवासियों के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें संविधान के मूल्यों को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सपना तभी साकार होगा जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करेगा।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर लंदन स्थित बाबा साहेब के आवास पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की यह श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह घटना न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

