By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड के लातेहार जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। महुआडांड़ थाना क्षेत्र की ओरसा घाटी में रविवार को एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में अब तक 5 लोगों की मौके पर ही मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस महुआडांड़ से लातेहार की ओर जा रही थी। जैसे ही बस ओरसा घाटी के खतरनाक और घुमावदार रास्ते पर पहुंची, अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया। घाटी क्षेत्र में तीखे मोड़ और ढलान होने के कारण बस सड़क से फिसलकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयानक था कि बस कई फीट नीचे जा गिरी।
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने घायलों को बस के अंदर से बाहर निकाला और इसकी सूचना महुआडांड़ थाना को दी। कुछ यात्री बस के नीचे दब गए थे, जिन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है।
5 लोगों की मौत की पुष्टि
प्रशासन ने इस हादसे में 5 यात्रियों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। बताया जा रहा है कि मृतकों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल कई यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन ने अतिरिक्त एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की है।

ओरसा घाटी – हादसों का हॉटस्पॉट?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओरसा घाटी का रास्ता बेहद खतरनाक है। इससे पहले भी इस इलाके में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। घाटी में सुरक्षा रेलिंग की कमी, खराब सड़क और तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
प्रशासन का बयान
महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि,
“प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और घाटी क्षेत्र में बस का नियंत्रण खोना प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएग
मुख्यमंत्री और नेताओं ने जताया शोक
इस दर्दनाक सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की घोषणा भी की जा सकती है।
जांच के आदेश
जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बस की फिटनेस, ड्राइवर के लाइसेंस और ओवरस्पीडिंग जैसे बिंदुओं पर जांच की जा रही है। यदि लापरवाही पाई जाती है तो बस संचालक और चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर झारखंड में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में यात्री वाहनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।

