By: Vikash Kumar (Vicky)
रांची। झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची स्थित पार्टी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में अहम कदम उठाया। इस बैठक में रांची नगर निगम सहित राज्य के विभिन्न नगर निकायों और नगर पंचायतों के वार्ड अध्यक्ष, सक्रिय कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि निकाय चुनाव पार्टी के लिए बेहद अहम हैं और इसे पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाएं, ताकि आम जनता को झामुमो सरकार की उपलब्धियों की सही जानकारी मिल सके।

पूरी ताकत से लड़ा जाएगा निकाय चुनाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार ने बीते वर्षों में गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अब समय है कि इन कार्यों को जनता के बीच ले जाकर निकाय चुनाव में इसका सकारात्मक संदेश दिया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी किसी भी सीट को हल्के में नहीं लेगी और योग्य, जमीनी स्तर पर काम करने वाले उम्मीदवारों को आगे बढ़ाया जाएगा।
वार्ड स्तर पर मजबूत संगठन बनाने का निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वार्ड अध्यक्षों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक वार्ड में संगठन को और मजबूत किया जाए। बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैयार कर जनता की समस्याओं को सुना जाए और उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव केवल जीत का माध्यम नहीं, बल्कि जनता से सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर भी है।
सरकार की योजनाएं होंगी चुनाव का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सर्वजन पेंशन योजना, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य बीमा, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे मुद्दों को चुनाव में प्रमुखता से उठाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि जनता को यह बताया जाए कि किस प्रकार झामुमो सरकार ने हर वर्ग को साथ लेकर चलने का काम किया है।

झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का बयान
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी निकाय चुनाव को पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया गया है। चाहे रांची नगर निगम हो या राज्य का कोई अन्य नगर निकाय, पार्टी मजबूत उम्मीदवार उतारकर चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि झामुमो का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि नगर निकायों के माध्यम से शहरों और कस्बों के विकास को नई दिशा देना है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, नाली और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर पार्टी का फोकस रहेगा।
गठबंधन और समन्वय पर भी चर्चा
बैठक में गठबंधन दलों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर चुनाव लड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि जहां आवश्यकता होगी, वहां आपसी सहमति से उम्मीदवार तय किए जाएंगे, ताकि वोटों का बंटवारा न हो और भाजपा जैसी विपक्षी पार्टियों को सीधी चुनौती दी जा सके।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
बैठक के बाद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। वार्ड अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि झामुमो निकाय चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगा।
चुनावी तैयारी में जुटी पार्टी
सूत्रों के अनुसार, झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया फरवरी माह तक पूरी होने की संभावना है। ऐसे में झामुमो ने अभी से कमर कस ली है। संगठन स्तर पर बैठकों का दौर जारी रहेगा और जल्द ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी की जा सकती है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि झामुमो निकाय चुनाव को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है। पार्टी सरकार की उपलब्धियों और संगठन की मजबूती के दम पर जनता का भरोसा जीतने की कोशिश में जुट गई है।

