झारखंड में ठंड ने अब अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। ‘ला नीना’ प्रभाव और उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि रात के साथ-साथ दिन में भी लोगों को कंपकंपी महसूस हो रही है। बीते 24 घंटों के दौरान लोहरदगा में न्यूनतम तापमान गिरकर 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 10 दिनों तक झारखंड में ठंड से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं। सुबह और देर रात घना कोहरा, शीतलहर और ठंडी हवाएं लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती हैं।
‘ला नीना’ के कारण बढ़ी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार झारखंड में ‘ला नीना’ का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इसकी वजह से उत्तर भारत से लगातार बर्फीली हवाएं राज्य की ओर बढ़ रही हैं, जिससे तापमान तेजी से गिर रहा है। राजधानी रांची के साथ-साथ खूंटी, लोहरदगा और गुमला जैसे जिलों में शीतलहर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पिछले 24 घंटों में पलामू का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राज्य के कम से कम पांच जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। यह स्थिति सामान्य से कहीं अधिक ठंडी मानी जा रही है।
दिन में भी नहीं मिल रही ठंड से राहत
ठंडी हवाओं का असर सिर्फ रात तक सीमित नहीं है। पलामू, कोडरमा, हजारीबाग और पाकुड़ जैसे जिलों में अधिकतम तापमान भी गिरकर 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट गया है। ऐसे में दोपहर की धूप भी लोगों को राहत देने में नाकाम साबित हो रही है। खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है।
आज के मौसम का हाल
साल के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को लेकर मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। झारखंड के 12 जिलों में घने कोहरे को लेकर ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। इनमें गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और संथाल परगना क्षेत्र के जिले शामिल हैं। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
ठंड का स्वास्थ्य पर असर
कोहरे और शीतलहर के दोहरे प्रहार का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रांची स्थित रिम्स अस्पताल के ओपीडी में सर्दी-खांसी, बुखार और श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जहां पहले रोजाना औसतन 10 मरीज ऐसे लक्षणों के साथ पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 तक पहुंच गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ठंड में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
क्या कहता है मौसम विभाग
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रह सकता है, जबकि शीतलहर का असर जारी रहने की चेतावनी दी गई है।
यह मौसम समाचार मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। मौसम की स्थिति में स्थानीय स्तर पर बदलाव संभव है। ताजा और सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।

