रांची: झारखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) ने 2 नवंबर तक झारखंड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में बने एक निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण राज्य में यह परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, रांची, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, खूंटी, चतरा, लातेहार और गुमला जिलों में अगले 48 घंटे तक तेज़ बारिश की संभावना है। वहीं, देवघर, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी से सक्रिय सिस्टम बना बारिश का कारण
भारतीय मौसम विभाग (IMD) रांची केंद्र ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते पूर्वी और दक्षिणी झारखंड में बारिश की गतिविधियां तेज़ हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक आनंद ने कहा कि 1 और 2 नवंबर को कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनेगी।
उन्होंने बताया कि “दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद भी इस साल पोस्ट-मॉनसून रेनफॉल का असर लंबे समय तक देखा जा रहा है। फिलहाल वायुमंडल में नमी बनी हुई है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।”
IMD ने जारी किया येलो और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने रांची, जमशेदपुर, चाईबासा, सिमडेगा और खूंटी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि देवघर, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि इन जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
येलो अलर्ट का मतलब है कि हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
कृषि और जनजीवन पर असर
बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहतभरा साबित हो सकता है। देर से बोई गई रबी फसलों को इस बारिश से फायदा मिलेगा। वहीं, कुछ इलाकों में जल स्तर में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।
हालांकि, लगातार हो रही बारिश से सड़क यातायात पर असर पड़ सकता है और कुछ निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ने की संभावना है।
तापमान में गिरावट
बारिश के चलते झारखंड के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। रांची में दिन का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि जमशेदपुर में 29 डिग्री और धनबाद में 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे सर्दी की शुरुआत जल्दी हो सकती है।
मौसम विभाग की सलाह
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि
बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर खड़े न रहें।
मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बारिश में न करें।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की कटाई या खाद के छिड़काव के दौरान मौसम की स्थिति का ध्यान रखें।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को निचले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
इन जिलों में सबसे अधिक असर की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, निम्न दबाव का असर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार और चतरा जिलों में सबसे अधिक देखने को मिलेगा। इन जिलों में 1 और 2 नवंबर को भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
नवंबर की शुरुआत भी भीगी रहने के आसार
विशेषज्ञों के मुताबिक, नवंबर की शुरुआत में भी झारखंड के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है। हालांकि 3 नवंबर से मौसम साफ होने की उम्मीद है, लेकिन सुबह और रात के तापमान में गिरावट बनी रहेगी।
मौसम का कृषि पर सकारात्मक प्रभाव
रबी फसलों की बुवाई से पहले यह बारिश मिट्टी की नमी बढ़ाने में मदद करेगी। इससे गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों के लिए भूमि तैयार करना आसान होगा। किसानों का मानना है कि यदि बारिश बहुत अधिक नहीं हुई तो यह फसल के लिए लाभदायक साबित होगी।
अगले सप्ताह मौसम का अनुमान
2 नवंबर के बाद झारखंड में मौसम धीरे-धीरे साफ होगा और ठंडी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जाएगी। 5 नवंबर तक न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे सर्दियों की शुरुआत हो जाएगी।

