By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड में कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल
रांची। झारखंड में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने झारखंड के 6 जिलों में घने कोहरे और शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह और देर रात के समय घना कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है।

इन जिलों में जारी किया गया येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, रांची, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़ और बोकारो जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान घना कोहरा छाए रहने और शीतलहर चलने की संभावना है। इन इलाकों में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
तापमान में लगातार गिरावट
राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि पलामू, चतरा और लातेहार जैसे इलाकों में तापमान और भी नीचे चला गया। ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
घना कोहरा बना मुसीबत
सुबह के समय घने कोहरे के कारण हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई जगहों पर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। रेल यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा है, जिससे कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। बस सेवाओं में भी आंशिक बाधा देखने को मिल रही है।
शीतलहर से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब और बुजुर्ग
शीतलहर का असर सबसे ज्यादा गरीब, बुजुर्ग और बच्चे झेल रहे हैं। खुले में रहने वाले लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और नगर निगम द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है, हालांकि ग्रामीण इलाकों में अब भी राहत अपर्याप्त बताई जा रही है।
स्कूलों और दफ्तरों पर असर
भीषण ठंड को देखते हुए कुछ जिलों में प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अभिभावकों की मांग है कि ठंड को देखते हुए प्राथमिक स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाए। वहीं, सुबह की पाली में काम करने वाले दफ्तरकर्मी भी सर्द हवाओं और कोहरे से परेशान नजर आ रहे हैं।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, अस्थमा और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म पेय पदार्थ लेने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंड बनी रहेगी। आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। विभाग ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
अगले कुछ दिनों का मौसम
पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक झारखंड में ठंड का सितम जारी रहेगा। कुछ इलाकों में सुबह के समय कोहरा और दिन में ठंडी हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, बारिश की कोई संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्य सरकार और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। शहरी इलाकों में रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
कुल मिलाकर, झारखंड में सर्दी ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। घना कोहरा और शीतलहर आने वाले दिनों में और परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में सतर्कता ही बचाव है। मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह मानकर ही बाहर निकलें और ठंड से खुद को सुरक्षित रखें।

