By: Vikash Kumar (Vicky)
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज़ जो रूट (Joe Root) ने क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। एशेज सीरीज के पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतकीय पारी खेलते हुए रूट ने न सिर्फ इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ रिकी पोंटिंग का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। यह शतक जो रूट के टेस्ट करियर का 41वां शतक रहा, जिसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में रिकी पोंटिंग के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में अब उनसे आगे केवल सचिन तेंदुलकर (51 शतक) और जैक्स कैलिस (45 शतक) हैं।
एशेज के निर्णायक मुकाबले में चमके जो रूट
एशेज सीरीज के इस आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड दबाव में नजर आ रहा था, लेकिन जो रूट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें मौजूदा दौर के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज़ों में गिना जाता है। मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाज़ी करते हुए रूट ने धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया।
उनकी यह शतकीय पारी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मैच के रुख को भी पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में मोड़ने वाली साबित हुई। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के सामने रूट की बल्लेबाज़ी क्लासिक टेस्ट क्रिकेट का बेहतरीन उदाहरण रही।
रिकी पोंटिंग की बराबरी, अब सचिन की ओर नजर
रिकी पोंटिंग ने अपने करियर में 168 टेस्ट मैचों में 41 शतक लगाए थे, जबकि जो रूट ने यह उपलब्धि अपेक्षाकृत कम उम्र में हासिल कर ली है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से रूट की फिटनेस और फॉर्म बनी हुई है, वह आने वाले वर्षों में सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकते हैं।
सचिन तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन और सर्वाधिक शतकों के मामले में अब भी शीर्ष पर हैं, लेकिन जो रूट की निरंतरता इस रिकॉर्ड को खतरे में डालती नजर आ रही है।

टेस्ट क्रिकेट के आधुनिक दिग्गज जो रूट
जो रूट ने अपने टेस्ट करियर में सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि कठिन परिस्थितियों में टीम को उबारने की कई यादगार पारियां खेली हैं। भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका जैसी चुनौतीपूर्ण पिचों पर भी रूट का रिकॉर्ड शानदार रहा है।
उनकी बल्लेबाज़ी की खास बात यह है कि वह स्पिन और तेज गेंदबाज़ी—दोनों के खिलाफ समान रूप से प्रभावी हैं। यही कारण है कि उन्हें आधुनिक टेस्ट क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद स्तंभ माना जाता है।
आंकड़ों में जो रूट का टेस्ट करियर
टेस्ट मैच: 140+
कुल रन: 12,000 से अधिक
औसत: लगभग 50
शतक: 41
अर्धशतक: 60+
ये आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि जो रूट सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिके रहने वाले महान बल्लेबाज़ों की श्रेणी में शामिल हो चुके हैं।
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पल
जो रूट का यह शतक इंग्लैंड क्रिकेट के लिए भी बेहद खास है। वह पहले ही इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं और अब शतकों के मामले में भी वह देश के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शीर्ष पर पहुंच चुके हैं।
एशेज जैसी प्रतिष्ठित सीरीज में इस तरह का रिकॉर्ड बनाना रूट की महानता को और मजबूत करता है।
क्या सचिन का रिकॉर्ड टूटेगा?
क्रिकेट प्रेमियों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जो रूट सचिन तेंदुलकर का 51 टेस्ट शतकों का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूट अगले 4–5 साल तक इसी फॉर्म में खेलते रहे, तो यह असंभव नहीं है।
हालांकि, सचिन का रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि एक युग का प्रतीक है, जिसे छूना भी किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
जो रूट का यह शतक सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की महान परंपरा का हिस्सा है। रिकी पोंटिंग की बराबरी कर उन्होंने खुद को क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाज़ों की सूची में और मजबूती से स्थापित कर लिया है। अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जो रूट सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे पाएंगे या नहीं।
