उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड और शीतलहर की चपेट में है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी ने ठंड को और बढ़ा दिया है। वहीं, मैदानी राज्यों में घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से बढ़ी ठंड
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुफरी और लाहौल-स्पीति में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। उत्तराखंड के बदरीनाथ, केदारनाथ, औली और मसूरी में भी बर्फबारी से तापमान में तेज गिरावट आई है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक देखने को मिल रहा है, जिससे शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा, दृश्यता बेहद कम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और खुले इलाकों में सन्नाटा पसरा नजर आया।

उत्तर प्रदेश और बिहार में शीतलहर का कहर
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा समेत कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बिहार के पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में भी ठंड और कोहरे का असर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह और देर रात के समय शीतलहर चलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
पंजाब-हरियाणा में भी बढ़ी ठिठुरन
पंजाब और हरियाणा में भी ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़ और अंबाला में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। कोहरे के कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई है, जिससे कई जगह लंबा जाम लगने की स्थिति बन गई।
रेल और हवाई यातायात प्रभावित
घने कोहरे का सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर पड़ा है। उत्तर भारत से गुजरने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। कुछ ट्रेनों को रद्द भी किया गया है। दिल्ली, लखनऊ और पटना एयरपोर्ट पर दृश्यता कम होने के कारण कई फ्लाइट्स लेट हुईं, जबकि कुछ उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर भी दिख रहा असर
कड़ाके की ठंड का असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचने, गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में कोहरा बना रह सकता है। कई राज्यों में शीतलहर को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है।
सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड पर
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कई राज्यों की सरकारें और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बेघर और जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ठंड में सुरक्षित रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
आगे और गिरेगा पारा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के चलते आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है। ऐसे में उत्तर भारत के लोगों को अभी कुछ दिन और कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ सकती है।
