घी भारतीय भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे ऊर्जा, पाचन, मस्तिष्क विकास तथा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है। लेकिन कई पेरेंट्स के मन में यह सवाल रहता है कि छोटे बच्चों को घी कब से देना चाहिए और दिन भर में कितनी मात्रा सुरक्षित रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बच्चे को सही समय और सही मात्रा में घी दिया जाए, तो यह उसके शारीरिक तथा मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आइए जानते हैं बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रवि मलिक की सलाह के अनुसार बच्चों को घी देने का सही तरीका।

घी कब से देना शुरू करें
डॉक्टरों के मुताबिक, जब बच्चा छह महीने का हो जाता है और सॉलिड फूड की शुरुआत होती है, तभी थोड़ी मात्रा में घी उसके भोजन में शामिल किया जा सकता है। शुरुआत में केवल कुछ बूंदें या आधा चम्मच घी ही पर्याप्त होता है, जिससे बच्चे का पाचन भी प्रभावित नहीं होता और उसे पोषण भी मिलता है।
1 वर्ष तक के बच्चों के लिए घी की मात्रा
एक साल की उम्र तक बच्चों का पाचन तंत्र विकसित हो रहा होता है। इसलिए इस अवधि में घी की मात्रा बहुत सीमित रखनी चाहिए। दिन में आधा चम्मच घी दाल, खिचड़ी, दलिया या सूप में मिलाकर दिया जा सकता है।
1 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए उपयुक्त मात्रा
इस उम्र में बच्चा अधिक सक्रिय होने लगता है और उसे ऊर्जा की भी ज्यादा जरूरत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 1 से 2 चम्मच घी भोजन में मिलाकर दिया जा सकता है। इसे चपाती, सब्जी, दलिया या खिचड़ी में मिलाना अच्छा रहता है।
3 वर्ष से बड़े बच्चों के लिए घी की मात्रा
जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसका मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा की आवश्यकता भी बढ़ती है। 3 साल से अधिक उम्र के बच्चों को रोजाना 2 से 3 चम्मच घी दिया जा सकता है। यह मात्रा बच्चे की गतिविधि, भूख और स्वास्थ्य के अनुसार थोड़ा बढ़ाई या घटाई जा सकती है।
बच्चों को घी देने के फायदे
घी में ओमेगा फैटी एसिड, विटामिन A, D, E और K पाए जाते हैं, जो मस्तिष्क विकास, इम्यून सिस्टम और हड्डियों की मजबूती में मदद करते हैं। इसके अलावा घी बच्चों के पाचन को मजबूत करता है और वजन बढ़ाने में भी सहायक होता है, विशेषकर उन बच्चों के लिए जो कमज़ोर या कम वजन वाले हों।
कब न दें या किन बातों का रखें ध्यान
अगर बच्चे को डेयरी प्रोडक्ट से एलर्जी है, दस्त हो रहे हैं या डॉक्टर ने फैटी फूड से परहेज बताया है, तो घी देना टालना चाहिए। साथ ही, घी की अधिक मात्रा मोटापे और पाचन समस्याओं का कारण बन सकती है, इसलिए हमेशा संतुलित मात्रा का पालन करें।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। बच्चों को घी शुरू करने या उसकी मात्रा तय करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। स्वास्थ्य संबंधित निर्णय हमेशा बच्चे की व्यक्तिगत स्थिति और मेडिकल सलाह के अनुसार ही करें।

