By: Vikash Kumar (Vicky)
रसोई और वास्तु का गहरा संबंध
भारतीय वास्तु शास्त्र में रसोई को घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है, क्योंकि यहीं से पूरे परिवार की सेहत, ऊर्जा और समृद्धि जुड़ी होती है। किचन में की गई छोटी-सी वास्तु गलती भी घर में नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और धन की तिजोरी कभी खाली न हो, तो आपको रसोई में रखी जाने वाली कुछ चीजों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इन्हीं में से एक है मिट्टी का घड़ा।

मिट्टी का घड़ा क्यों माना जाता है शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार मिट्टी का घड़ा केवल पानी रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह पंचतत्वों में से पृथ्वी तत्व का प्रतीक भी माना जाता है। मिट्टी में बनी चीजें वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का काम करती हैं। जब आप मिट्टी के घड़े में पानी भरकर उसे सही दिशा में रखते हैं, तो वह पूरे किचन और घर के वातावरण को शुद्ध और संतुलित बनाता है।
सेहत और धन दोनों पर पड़ता है असर
किचन में मिट्टी का घड़ा रखने से न केवल वास्तु दोष दूर होते हैं, बल्कि घर के सदस्यों की सेहत भी बेहतर रहती है। मिट्टी के घड़े का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा और शुद्ध होता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और बीमारियां कम होती हैं। वास्तु के अनुसार जब घर के लोग स्वस्थ रहते हैं, तो आर्थिक स्थिति भी स्वतः मजबूत होने लगती है, क्योंकि बीमारियों पर खर्च कम होता है और काम में मन लगता है।
किस दिशा में रखें मिट्टी का घड़ा
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि मिट्टी के घड़े को रसोई की उत्तर दिशा या उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा कुबेर और देवताओं से जुड़ी होती है, जो धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के कारक हैं। इस दिशा में रखा गया मिट्टी का घड़ा घर में धन के प्रवाह को बढ़ाता है और आर्थिक रुकावटों को दूर करता है।

धन की कमी दूर करने का आसान उपाय
अगर आप लंबे समय से धन की कमी, कर्ज या खर्चों की समस्या से जूझ रहे हैं, तो किचन में सही दिशा में मिट्टी का घड़ा रखना आपके लिए एक आसान और प्रभावी उपाय हो सकता है। वास्तु मान्यता के अनुसार जब घड़े में भरा पानी स्वच्छ और भरा हुआ रहता है, तो यह जीवन में निरंतरता और समृद्धि का प्रतीक बन जाता है। खाली या टूटे घड़े को रखना अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह आर्थिक नुकसान और ऊर्जा की कमी का संकेत देता है।
घड़े की साफ-सफाई का भी रखें ध्यान
ध्यान रखें कि मिट्टी का घड़ा हमेशा साफ-सुथरा और पानी से भरा हुआ होना चाहिए। उसे गंदे या टूटे-फूटे स्थान पर न रखें। समय-समय पर घड़े को धोना और उसमें ताजा पानी भरना भी जरूरी होता है, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
यह लेख वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। किसी भी तरह का बड़ा निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

