
देवघर। बाबा नगरी के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए के.के.एन स्टेडियम इन दिनों परेशानी का केंद्र बना हुआ है। जहां एक ओर सैकड़ों युवा-युवती रोजाना पुलिस भर्ती की तैयारी में दौड़ और व्यायाम करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्टेडियम परिसर में बने शौचालयों की जर्जर हालत लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है।
स्थानीय युवाओं ने नगर आयुक्त, देवघर नगर निगम से इस संबंध में तत्काल मरम्मत और नवनिर्माण की मांग की है। युवाओं का कहना है कि स्टेडियम में शौचालय की हालत इतनी खराब है कि उसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। दरवाजे टूट चुके हैं, सफाई की व्यवस्था नहीं है, और पानी की आपूर्ति भी अक्सर बाधित रहती है।

युवतियों और महिला खिलाड़ियों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है। मैदान में आने वाली युवतियों ने कहा कि यहां यूरिनल और ड्रेस चेंजिंग रूम की कोई व्यवस्था नहीं है। कई बार उन्हें असुविधा झेलनी पड़ती है या बीच में अभ्यास छोड़कर घर लौटना पड़ता है।
शहर के बुजुर्ग जो हर सुबह स्वास्थ्य लाभ के लिए टहलने आते हैं, उन्होंने भी नगर निगम से साफ-सफाई और रखरखाव में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि स्टेडियम देवघर का गौरव है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण इसका स्वरूप बिगड़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का सुझाव है कि नगर निगम को यहां स्थायी केयर टेकर की नियुक्ति करनी चाहिए, जो मैदान की स्वच्छता और शौचालयों की देखरेख का जिम्मा संभाले। साथ ही शौचालयों का नवनिर्माण कर महिला और पुरुषों के लिए अलग व्यवस्था की जाए।
जनहित और स्वच्छता के दृष्टिकोण से यह मांग पूरी तरह उचित है। देवघर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थल में स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों की आवश्यकता न केवल स्थानीय नागरिकों के लिए बल्कि आने वाले पर्यटकों के लिए भी अत्यंत जरूरी है।
युवाओं ने कहा कि अगर समय रहते निगम प्रशासन इस पर ध्यान नहीं देता तो आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। उनका मानना है कि साफ-सुथरे खेल मैदान से ही स्वस्थ समाज और फिट इंडिया का सपना साकार होगा।
नगर आयुक्त से उम्मीद की जा रही है कि वे इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्यवाही करेंगे, ताकि के.के.एन स्टेडियम देवघर एक बार फिर स्वच्छ, सुंदर और सशक्त खेल परिसर के रूप में जाना जाए।

