Kolkata Fire News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कंकुरगाछी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक गैस सिलेंडर के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सिलेंडरों में हुए धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे लोग अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर निकल आए।

कैसे लगी आग?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कंकुरगाछी स्थित एक अवैध या अर्ध-व्यावसायिक गैस सिलेंडर गोदाम में आग लगने की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि गोदाम में बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर रखे हुए थे। आग लगते ही सिलेंडरों में एक के बाद एक विस्फोट होने लगे, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
हालांकि आग लगने के सटीक कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और फायर ब्रिगेड मामले की जांच में जुट गई है।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
आग लगने की सूचना मिलते ही कोलकाता फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की। सिलेंडर गोदाम होने के कारण आग बुझाने का काम बेहद जोखिम भरा था, क्योंकि हर पल विस्फोट का खतरा बना हुआ था।
करीब दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान आसपास के इलाकों की बिजली आपूर्ति एहतियातन बंद कर दी गई।
घर छोड़कर भागे लोग
आग और धमाकों के चलते कंकुरगाछी और आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। कई परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें लगा जैसे कोई बड़ा हादसा होने वाला है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में गैस सिलेंडरों का गोदाम होना बेहद खतरनाक है।
हताहतों की स्थिति
फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जो राहत की बात है। हालांकि कुछ दमकलकर्मियों और स्थानीय लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
अस्पताल प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया था, ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
कोलकाता पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट किया, जिससे राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग बुझने के बाद गोदाम की वैधता, सुरक्षा मानकों और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। अगर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
रिहायशी इलाके में गोदाम पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर से रिहायशी इलाकों में गैस सिलेंडर गोदामों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को पहले ही इस गोदाम के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि गैस सिलेंडर जैसे ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण केवल निर्धारित औद्योगिक क्षेत्रों में ही होना चाहिए।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थिति सामान्य होने तक घटनास्थल के आसपास न जाएं। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गोदाम या गैस स्टोरेज की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने को कहा गया है।
जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है। फायर विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि गोदाम में कितने सिलेंडर मौजूद थे और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था।
