कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित एशिया के सबसे बड़े फुटबॉल स्टेडियमों में से एक, सॉल्ट लेक स्टेडियम (विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन – VYBK) उस समय अव्यवस्था का केंद्र बन गया, जब अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी के पहुंचने की खबर फैलते ही हजारों की संख्या में फैन्स वहां जमा हो गए। हालात उस वक्त और बिगड़ गए, जब स्टेडियम परिसर में मौजूद भीड़ को मेसी की झलक नहीं मिली। नाराज फैन्स ने बोतलें फेंकी, पोस्टर फाड़ दिए और माहौल पूरी तरह बेकाबू हो गया।

मेसी के नाम पर उमड़ा जनसैलाब
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया और कुछ अनौपचारिक सूत्रों के जरिए यह खबर तेजी से फैली कि विश्व कप विजेता और आठ बार के बैलन डी’ओर विजेता लियोनेल मेसी सॉल्ट लेक स्टेडियम पहुंचने वाले हैं। इस खबर के फैलते ही कोलकाता और आसपास के इलाकों से फुटबॉल प्रेमियों का सैलाब स्टेडियम की ओर उमड़ पड़ा।
फुटबॉल को ‘धर्म’ मानने वाले कोलकाता में मेसी की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। अर्जेंटीना के लिए खेलने वाले इस सुपरस्टार के लिए यहां पहले भी जबरदस्त दीवानगी देखी जा चुकी है। ऐसे में मेसी की संभावित मौजूदगी की खबर ने फैन्स को बेकाबू कर दिया।
झलक न मिलने पर फैन्स का गुस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घंटों इंतजार के बाद जब फैन्स को यह महसूस हुआ कि मेसी स्टेडियम में नजर नहीं आ रहे हैं, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। कुछ फैन्स ने सुरक्षा घेरों की ओर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं, जबकि कई पोस्टर और बैनर फाड़ते हुए दिखे। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्टेडियम के बाहर और अंदर दोनों जगह अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाकर्मियों को हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने आयोजन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के बावजूद पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। कई फैन्स का कहना है कि अगर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाती कि लियोनेल मेसी स्टेडियम नहीं आने वाले हैं, तो इस तरह की अव्यवस्था से बचा जा सकता था।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थिति को अब पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया गया है। अधिकारी के अनुसार, कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन समय रहते कार्रवाई की गई। किसी बड़े नुकसान या गंभीर चोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से सावधान रहने की अपील की है।
फुटबॉल प्रेम और दीवानगी की मिसाल
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भारत, खासकर कोलकाता में फुटबॉल और लियोनेल मेसी के लिए दीवानगी किस स्तर तक पहुंच चुकी है। अर्जेंटीना के झंडे, मेसी की जर्सी और उनके पोस्टरों से सजे शहर में फैन्स अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार नजर आए।
हालांकि, इस तरह की दीवानगी अगर अव्यवस्था और हिंसा का रूप ले ले, तो यह चिंता का विषय बन जाती है।
आयोजकों से जवाब की मांग
घटना के बाद आयोजकों और संबंधित एजेंसियों से भी सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर मेसी के आने को लेकर स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। फैन्स का आरोप है कि भ्रम की स्थिति के कारण ही हालात बेकाबू हुए।
सॉल्ट लेक स्टेडियम में लियोनेल मेसी के नाम पर मची अफरा-तफरी ने यह साफ कर दिया कि स्टार खिलाड़ियों की लोकप्रियता को संभालने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्थाएं कितनी जरूरी हैं। अफवाहों और अधूरी जानकारी के कारण न केवल कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता है, बल्कि फैन्स की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
प्रशासन और आयोजकों के लिए यह घटना एक सबक है कि भविष्य में किसी भी बड़े खिलाड़ी या आयोजन को लेकर स्पष्ट और आधिकारिक सूचना समय पर साझा की जाए, ताकि खेल का जश्न अव्यवस्था में न बदले।

