By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली: देश में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच सरकार ने लोगों से शांत रहने और पैनिक बाइंग से बचने की अपील की है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुझाता शर्मा ने साफ कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सभी राज्यों में आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।

हाल के दिनों में इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कई भ्रामक खबरें सामने आई हैं जिनमें दावा किया गया कि आने वाले समय में एलपीजी सिलेंडर की कमी हो सकती है। इन खबरों के बाद कई इलाकों में उपभोक्ताओं ने एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया। सरकार के अनुसार इस पैनिक बाइंग का असर यह हुआ है कि रोजाना होने वाली एलपीजी बुकिंग में अचानक भारी वृद्धि देखी जा रही है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सामान्य दिनों की तुलना में अब रोजाना करीब 25 लाख अधिक एलपीजी सिलेंडर बुक किए जा रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि यह वृद्धि केवल अफवाहों की वजह से हो रही है, जबकि वास्तविकता में देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तेल कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारु रूप से काम कर रही है और कहीं भी आपूर्ति बाधित नहीं हुई है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से सिलेंडर बुक करने से वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है।
सरकार का कहना है कि भारत में एलपीजी वितरण का एक मजबूत नेटवर्क मौजूद है। देश भर में हजारों गैस एजेंसियां और डिलीवरी सिस्टम काम कर रहे हैं, जिससे हर दिन लाखों उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाए जाते हैं। ऐसे में अचानक बुकिंग बढ़ने से लॉजिस्टिक सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि पैनिक बाइंग अक्सर अफवाहों के कारण होती है। जब लोग सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली खबरें देखते हैं तो वे भविष्य में संभावित कमी के डर से ज्यादा मात्रा में खरीदारी करने लगते हैं। इससे बाजार में कृत्रिम मांग पैदा हो जाती है और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विश्लेषकों के अनुसार भारत में एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था काफी मजबूत है। देश में घरेलू गैस की मांग को पूरा करने के लिए सरकारी तेल कंपनियां लगातार उत्पादन और आयात दोनों माध्यमों से गैस उपलब्ध करा रही हैं। इसके अलावा बड़े स्तर पर भंडारण की व्यवस्था भी मौजूद है ताकि आपात स्थिति में भी सप्लाई बाधित न हो।

सरकार ने यह भी कहा है कि उपभोक्ताओं को केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करना चाहिए। अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलेंडर लेने से अन्य लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पाती। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इसका ज्यादा असर पड़ सकता है।
मंत्रालय ने लोगों से यह भी कहा कि वे किसी भी संदिग्ध या भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर आगे न बढ़ाएं। अफवाहें फैलने से स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। यदि किसी को एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी कोई जानकारी चाहिए तो वह सीधे सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त कर सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में अफवाहें बहुत तेजी से फैलती हैं, इसलिए नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे बिना पुष्टि वाली खबरों को साझा न करें। सरकार भी समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाती रहती है।
फिलहाल पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सभी तेल कंपनियां सामान्य रूप से गैस की आपूर्ति कर रही हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है और वे नियमित तरीके से ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें।
सरकार की इस अपील का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस वितरण प्रणाली पर अनावश्यक दबाव न पड़े और हर उपभोक्ता तक समय पर एलपीजी सिलेंडर पहुंच सके।

