बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच महागठबंधन (Grand Alliance) ने आज अपना बहुप्रतीक्षित घोषणापत्र जारी कर दिया। इस घोषणापत्र में कर्मचारियों से लेकर महिलाओं, युवाओं और किसानों तक के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं। घोषणापत्र जारी करते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता आखिलेश प्रसाद सिंह और वामदलों के नेताओं ने कहा कि यह घोषणापत्र “जनता का दस्तावेज़” है, जो बिहार के हर वर्ग की उम्मीदों को साकार करेगा।
घोषणापत्र का नाम “हमारा अधिकार, हमारा संकल्प” रखा गया है, जिसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, महिलाओं को हर महीने ₹2500 सम्मान राशि, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, किसानों के लिए फसल सुरक्षा गारंटी और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार जैसे कई वादे किए गए हैं।
OPS बहाली से कर्मचारियों में उत्साह
महागठबंधन ने साफ कहा है कि सरकार बनने पर बिहार में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) लागू की जाएगी। इससे राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को सीधा फायदा मिलेगा। तेजस्वी यादव ने कहा, “OPS सिर्फ पेंशन नहीं, यह सरकारी कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान है।”
महिलाओं के लिए ₹2500 प्रति माह
घोषणापत्र का सबसे बड़ा आकर्षण महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह देने का वादा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर “महिला सम्मान सहायता योजना” लागू की जाएगी, जिसके तहत 18 से 60 वर्ष की सभी महिलाओं को हर महीने ₹2500 सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और परिवार की आय बढ़ाना बताया गया है।
युवाओं को मिलेगा रोजगार
बेरोजगारी के मुद्दे पर महागठबंधन ने कहा कि “हर घर रोजगार” मिशन शुरू किया जाएगा। इसके तहत सरकार हर साल 10 लाख से अधिक नौकरियां सृजित करेगी। सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के साथ ही निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाई जाएगी।
तेजस्वी यादव ने कहा, “हमने पहले भी 10 लाख नौकरियों का वादा किया था और आंशिक रूप से उसे पूरा किया। इस बार हमारा लक्ष्य है कि हर बेरोजगार युवा को रोजगार या सम्मानजनक भत्ता मिले।”
किसानों के लिए राहत पैकेज
घोषणापत्र में किसानों के लिए भी कई अहम घोषणाएं की गई हैं। फसल खराब होने की स्थिति में किसान सुरक्षा कोष से मुआवजा देने का प्रावधान रखा गया है। साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सभी प्रमुख फसलों की खरीद सुनिश्चित करने और कृषि बिजली बिल में 50% की छूट देने का वादा किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
महागठबंधन के घोषणापत्र में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर प्रखंड में मॉडल स्कूल खोलने और शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता का वादा किया गया है।
स्वास्थ्य के मोर्चे पर हर जिले में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को आधुनिक उपकरणों से लैस करने की बात कही गई है।
सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था
घोषणापत्र में सामाजिक न्याय की भावना को मजबूती देने पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी।
इसके साथ ही, कानून व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस बल में रिक्तियों को तुरंत भरा जाएगा और थानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए “महिला सहायता डेस्क” स्थापित किए जाएंगे।
विपक्ष का सरकार पर हमला
घोषणापत्र जारी करने के बाद तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और एनडीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “17 साल से बिहार को सिर्फ झूठे वादे मिले हैं। हमने जनता से जो कहा, उसे निभाया। अब बिहार को नई दिशा देने का समय है।”
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी कहा कि केंद्र और राज्य की एनडीए सरकारें जनता को महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के दलदल में धकेल चुकी हैं। “महागठबंधन का घोषणापत्र बिहार के भविष्य की नई उम्मीद है।”
NDA ने कहा- ‘झूठ का पुलिंदा’
वहीं एनडीए की ओर से भाजपा प्रवक्ता ने महागठबंधन के घोषणापत्र को “झूठ का पुलिंदा” बताया। उनका कहना है कि विपक्ष सिर्फ सपने दिखा रहा है, जबकि नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार को विकास की नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है।
जनता की उम्मीदें
बिहार में चुनावी माहौल अब और गरमा गया है। महागठबंधन के इस घोषणापत्र के बाद महिलाओं, कर्मचारियों और युवाओं में नई उम्मीद जगी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जनता इस बार विपक्ष के इन वादों पर भरोसा जताएगी या एनडीए की सत्ता को बरकरार रखेगी।

