By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर झारखंड के विश्व प्रसिद्ध शिवधाम बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर देखी जा रही हैं। सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं का जलार्पण और पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार जारी है।

महाशिवरात्रि का दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि झारखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु देवघर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

मनोकामना लिंग और शक्तिपीठ होने का विशेष महत्व
बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ शक्तिपीठ भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान शिव और माता शक्ति दोनों का वास है। इसलिए यहां पूजा करने से भक्तों को शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही कारण है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां दर्शन करने का महत्व और भी बढ़ जाता है।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालु जलार्पण, रुद्राभिषेक, मुंडन संस्कार सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इसके अलावा बाबा मंदिर में मोर मुकुट चढ़ाने की भी विशेष परंपरा है। श्रद्धालु अपनी बेटियों के विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की सफलता के लिए बाबा भोलेनाथ से मनौती मांगते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर मोर मुकुट अर्पित करते हैं।

सुबह से ही लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार
महाशिवरात्रि के दिन अहले सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे थे। सरकारी पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोला गया, जिसके बाद हजारों श्रद्धालु जल लेकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कतार में लग गए। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर रहे हैं।

मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है।

प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
देवघर के उपायुक्त विशाल सागर ने बताया कि महाशिवरात्रि को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह से दुरुस्त हैं। उन्होंने बताया कि शारीरिक रूप से अक्षम और विशेष जरूरत वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह 8 बजे से शीघ्र दर्शनम पास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे कम समय में बाबा के दर्शन कर सकें।

उपायुक्त ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण करने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और सादे लिबास में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष मजिस्ट्रेट की भी नियुक्ति की गई है। प्रशासन द्वारा भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह सहायता केंद्र और चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

रात 9 बजे तक जारी रहेगा जलार्पण
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बाबा मंदिर में जलार्पण की प्रक्रिया रात 9 बजे तक जारी रहेगी। इसके बाद शिव विवाह उत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। शिव विवाह उत्सव महाशिवरात्रि का प्रमुख आकर्षण होता है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहते हैं।
भक्तिमय माहौल में डूबा देवघर
महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरा देवघर शहर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। मंदिर परिसर के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि के दिन पूजा करने का विशेष महत्व है और यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी श्रद्धालुओं ने सराहना की है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा यह जनसैलाब भगवान शिव के प्रति लोगों की अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक है। श्रद्धालुओं का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।

