झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है। राज्य की लगभग 51 लाख महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि नवंबर और दिसंबर के लिए क्रिसमस से पहले जारी की जाएगी। इस बार सरकार दोनों महीनों की किस्त एक साथ ट्रांसफर करेगी, जिसके तहत प्रत्येक लाभुक महिला को कुल 5000 रुपये मिलेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार जिला स्तर पर राशि भेजने से पहले आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। इससे पहले सितंबर की किस्त दुर्गा पूजा से पहले और अक्टूबर की राशि दीपावली व छठ से पहले दी गई थी। अब दिसंबर से पहले दो माह की किस्त मिलना महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

मइयां सम्मान योजना क्यों है महत्वपूर्ण?
यह योजना झारखंड की महिलाओं को वित्तीय मजबूती और सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसके तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये की राशि दी जाती है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह योजना लाखों परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन चुकी है। खासकर ग्रामीण इलाकों में यह राशि महिलाओं की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है।
मइयां सम्मान योजना के लिए जरूरी पात्रता
इस योजना के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य शर्तें तय की हैं। पात्रता इस प्रकार है:
● महिला झारखंड की मूल निवासी हो
● आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो
● महिला का नाम राशन कार्ड में दर्ज हो
● महिला या परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो
● महिला किसी अन्य प्रकार की पेंशन न ले रही हो
● परिवार इनकम टैक्स न भरता हो
इन सभी शर्तों पर खरी उतरने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ सीधे बैंक खाते में मिलता है।
अगर पैसे खाते में नहीं आ रहे तो क्या करें?
कई बार पात्र होने के बाद भी राशि लाभुकों के खाते में नहीं पहुंचती। इसके आम कारण निम्न हो सकते हैं:
● बैंक खाता आधार से लिंक न होना – यह सबसे आम समस्या है। खाता आधार से लिंक करा लें।
● बायोमेट्रिक सत्यापन (e-KYC) अधूरा होना – नजदीकी CSC या बैंक में जाकर e-KYC पूरा कराएं।
● बैंक विवरण में त्रुटि – नाम, IFSC कोड या खाता संख्या गलत होने पर भुगतान रुक जाता है।
● तकनीकी समस्या – सभी दस्तावेज सही हों, फिर भी कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
यदि सभी आवश्यक अपडेट पूरे हो चुके हों और फिर भी राशि न आए, तो लाभुक अपने ब्लॉक या जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
क्रिसमस से पहले मिलने वाली राशि से मिलेगी राहत
दोपहिया किस्तें एक साथ मिलने से महिलाओं को घरेलू खर्च, त्योहार की खरीदारी तथा आवश्यक जरूरतें पूरी करने में सहूलियत मिलेगी। सरकार का दावा है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे परिवार में आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम बन सकें।
यह रिपोर्ट विभिन्न सरकारी सूचनाओं और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। योजना से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि के लिए लाभुक राज्य सरकार की वेबसाइट या संबंधित विभाग से संपर्क करें।

