By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ की पावन नगरी देवघर में मकर संक्रांति का महापर्व बुधवार को श्रद्धा, आस्था और परंपरा के साथ धूमधाम से मनाया गया। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद अहले सुबह से ही बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर, आसपास की सड़कें और कतार मार्ग पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आए। “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरी बाबा नगरी गूंजती रही।

मकर संक्रांति के अवसर पर प्राचीन परंपरा के अनुसार बाबा वैद्यनाथ को तिल और गुड़ अर्पित किया गया। तड़के प्रातःकाल कांचा जल पूजा संपन्न होने के बाद सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा ने सरकारी पूजा विधिवत रूप से कराई। पूजा-अर्चना के पश्चात बाबा को तिल, गुड़ और विशेष रूप से खिचड़ी का भोग लगाया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर बाबा को तिल अर्पण करने के बाद ही आम श्रद्धालु तिल अथवा तिल से बनी सामग्री का सेवन करते हैं। इस परंपरा का वर्षों से पालन किया जा रहा है।
मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पुजारियों ने बताया कि मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है, जिसे पुण्यकाल के रूप में माना जाता है। इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है, क्योंकि तिल को शुद्धता, ऊर्जा और स्वास्थ्य का प्रतीक माना गया है। बाबा वैद्यनाथ धाम में माघ महीने भर तिल, खिचड़ी और दही का भोग लगाने की परंपरा है, जो भक्तों की गहरी आस्था से जुड़ी हुई है।

श्रद्धालु मानसरोवर तट स्थित फुट ओवरब्रिज से कतारबद्ध होकर बाबा मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचे और जलार्पण किया। यह क्रम पूरे दिन मंदिर का पट बंद होने तक निर्बाध रूप से चलता रहा। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और हवन भी संपन्न कराए गए। श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया और जरूरतमंदों को तिल, गुड़ एवं वस्त्र दान किए। माना जाता है कि मकर संक्रांति पर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
संभावित भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी जा रही थी। उपायुक्त विशाल सागर स्वयं बाबा मंदिर परिसर पहुंचे और सुरक्षा एवं व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
प्रशासन द्वारा ठंड को देखते हुए जगह-जगह अलाव की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। कतार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों और मंदिर ट्रस्ट के कर्मियों की भी तैनाती की गई थी। पूरे आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बाबा नगरी देवघर में भक्ति, आस्था, परंपरा और प्रशासनिक व्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और पूरे दिन बाबा वैद्यनाथ धाम श्रद्धा के सागर में डूबा रहा।

