By: Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang 3 March 2026: फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस बार 3 मार्च 2026, मंगलवार के दिन पूर्णिमा का विशेष संयोग बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 44 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि शाम 5 बजकर 7 मिनट तक रहेगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन पूर्णिमा का मान रहेगा। ऐसे में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए यह दिन बेहद शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त, अमृत काल और राहुकाल का सटीक समय।

आज की तिथि और वार
आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में होता है। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित है। पूर्णिमा और मंगलवार का यह संयोग आध्यात्मिक ऊर्जा को और भी प्रबल बनाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 44 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 22 मिनट पर। दिन की अवधि लगभग 11 घंटे 38 मिनट रहेगी। किसी भी शुभ कार्य की योजना बनाते समय सूर्योदय और सूर्यास्त का समय विशेष रूप से देखा जाता है।

पूर्णिमा का महत्व
पूर्णिमा तिथि शाम 5 बजकर 7 मिनट तक है, लेकिन उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन पूर्णिमा का प्रभाव रहेगा। इस दिन व्रत, स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है। गंगा स्नान, चंद्रमा की पूजा और जरूरतमंदों को दान देने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका दहन की पूर्व संध्या के रूप में भी देखा जाता है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।
आज का विजय मुहूर्त
3 मार्च को पूर्णिमा पर विजय मुहूर्त का विशेष संयोग बन रहा है। विजय मुहूर्त दोपहर के समय पड़ता है और इसे किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। इस मुहूर्त में शुरू किया गया कार्य सफलता की ओर अग्रसर होता है।

आज का अमृत काल
अमृत काल को अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इस अवधि में किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं और सफलता की संभावना अधिक रहती है। आज का अमृत काल दोपहर के बाद का समय शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठान, निवेश, नई शुरुआत या शुभ संकल्प लेने के लिए यह समय अनुकूल है।
आज का राहुकाल
मंगलवार को राहुकाल दोपहर के समय पड़ता है। आज राहुकाल लगभग 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। राहुकाल में यात्रा, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय टालना बेहतर माना जाता है।

नक्षत्र और योग
आज के दिन चंद्रमा की स्थिति पूर्णिमा के कारण विशेष प्रभाव डाल रही है। पूर्णिमा के दिन मन की स्थिरता और भावनात्मक ऊर्जा अधिक रहती है। ध्यान, साधना और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए यह समय श्रेष्ठ माना जाता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
फाल्गुन पूर्णिमा को रंगों के पर्व होली से पहले की महत्वपूर्ण तिथि के रूप में देखा जाता है। इस दिन चंद्रमा की पूजा, विष्णु और शिव आराधना, हनुमान जी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। कई लोग आज के दिन व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन करते हैं।
आज का पंचांग हमें दिन की सही योजना बनाने में मदद करता है। यदि आप किसी शुभ कार्य, निवेश, यात्रा या धार्मिक अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं तो विजय मुहूर्त और अमृत काल को ध्यान में रखकर निर्णय लेना लाभकारी हो सकता है।

यह पंचांग पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। स्थान के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त के समय में अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

