By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। सामाजिक सेवा और युवाओं को संगठित करने के उद्देश्य से कार्यरत अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच का 42वां स्थापना दिवस देवघर में पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मारवाड़ी युवा देवघर शाखा द्वारा भव्य आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष रोहित सुलतानियाँ द्वारा झंडोतोलन के साथ किया गया। झंडोतोलन के पश्चात सभी सदस्यों ने एक स्वर में “युवा शक्ति, राष्ट्र शक्ति” के गगनभेदी नारे लगाकर संगठन के प्रति अपनी निष्ठा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को दोहराया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह के समय संगठन के ध्वजारोहण से हुई। जैसे ही अध्यक्ष रोहित सुलतानियाँ ने मंच के ध्वज को फहराया, पूरे परिसर में देशभक्ति और संगठनात्मक ऊर्जा का माहौल बन गया। इसके बाद उपस्थित सदस्यों ने राष्ट्रगान गाया और मंच की 42 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को याद किया। शाखा अध्यक्ष रोहित सुलतानियाँ ने अपने संबोधन में कहा कि अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच आज सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि देवघर शाखा निरंतर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है और आने वाले समय में और भी बड़े स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की जाएंगी।
अपने संबोधन में अध्यक्ष सुलतानियाँ ने मंच की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन ने स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण अभियान, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा सहायता और आपदा राहत जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किए हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल व्यवसाय और करियर तक ही सीमित न रहें, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं।
कार्यक्रम के दौरान मंच के वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। हरीश तोलासरिया ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच ने पिछले चार दशकों में युवाओं को नेतृत्व की दिशा दिखाने का काम किया है। संतोष सिलोदिया ने संगठन की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में आपसी भाईचारा और सामाजिक समर्पण की भावना मजबूत होती है। श्रवण बथवाल और अनुज धानुका ने मंच के सेवा कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि देवघर शाखा आने वाले समय में और अधिक स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता देगी।
इस अवसर पर अभिषेक अग्रवाल, केशव चोखानी, साकेत छावछरिया, अमित छावछरिया, मनोज नेवर, आनंद मोदी, अभिषेक सिंघानिया, राजेश जैन, मुकेश अग्रवाल, संजय चौधरी, विवेक अग्रवाल, निहित टमकोरिया, अर्पित मोदी, सौरभ जैन, आनंद झुनझुनवाला, रिशव केड़िया और आशीष शर्राफ समेत कई सक्रिय सदस्यों की उपस्थिति रही। सभी सदस्यों ने संगठन की मजबूती और सामाजिक सेवा के संकल्प को दोहराया।

कार्यक्रम के दौरान मंच के इतिहास और उसके सामाजिक योगदान पर आधारित एक संक्षिप्त परिचर्चा भी आयोजित की गई। इसमें बताया गया कि अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी और तब से लेकर आज तक यह संगठन देशभर में युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में मंच की सैकड़ों शाखाएं देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय हैं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में लगातार काम कर रही हैं।
देवघर शाखा द्वारा बीते वर्षों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, नेत्र जांच शिविर, रक्तदान अभियान, जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा सामग्री वितरण, ठंड के मौसम में कंबल वितरण और प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत सामग्री वितरण जैसे कार्य शामिल हैं। शाखा अध्यक्ष रोहित सुलतानियाँ ने बताया कि आने वाले महीनों में भी कई सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिनमें विशेष रूप से युवाओं को जोड़ने और समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने पर फोकस रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की बधाई दी और संगठन की दीर्घायु की कामना की। सामूहिक रूप से “युवा शक्ति, राष्ट्र शक्ति” के नारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे मंच की गरिमा और सेवा भाव को बनाए रखते हुए आने वाले वर्षों में और अधिक सक्रियता के साथ समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि मारवाड़ी युवा मंच केवल एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं को संगठित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने वाला एक सशक्त मंच है। देवघर शाखा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल संगठन की एकजुटता का प्रतीक बना, बल्कि आने वाले समय में और अधिक सामाजिक कार्यों की प्रेरणा भी दे गया।

