By: Vikash Kumar (Vicky)
भारत सरकार ने मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों को अलर्ट मोड पर रख दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्री K. Ram Mohan Naidu ने स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटरों व सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इस बीच, Air India और IndiGo ने एहतियातन कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करने का फैसला लिया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति अवश्य जांच लें।

क्यों बढ़ा तनाव?
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम के कारण एयरस्पेस की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। कुछ देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हुए हैं। भारतीय विमानन कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस को वैकल्पिक रूट अपनाने, अतिरिक्त ईंधन की व्यवस्था रखने और संभावित देरी के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

समीक्षा बैठक में क्या निर्देश?
नागरिक उड्डयन मंत्री K. Ram Mohan Naidu ने आपात बैठक में निम्न निर्देश दिए—
सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और कड़ी की जाए।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सतर्क रहने के निर्देश।
एयरलाइंस यात्रियों को समय-समय पर अपडेट दें।
विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर फंसे भारतीयों की सहायता की तैयारी।
बैठक में डीजीसीए, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

किन उड़ानों पर पड़ा असर?
Air India ने खाड़ी देशों के लिए संचालित कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द किया है, जबकि कुछ उड़ानों को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है।
IndiGo ने भी दुबई, दोहा और अन्य मिडिल ईस्ट गंतव्यों के लिए अपनी कुछ सेवाओं में बदलाव की पुष्टि की है। हालांकि एयरलाइंस ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पूरी तरह एहतियातन उठाया गया है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
यात्रियों के लिए एडवाइजरी
यदि आप मिडिल ईस्ट की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें—
यात्रा से पहले एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर से फ्लाइट स्टेटस जांचें।
एयरपोर्ट समय से पहले पहुंचे क्योंकि सुरक्षा जांच में अतिरिक्त समय लग सकता है।
एसएमएस और ईमेल अलर्ट पर नजर रखें।
रद्द उड़ानों के लिए रिफंड या रीशेड्यूलिंग विकल्प की जानकारी लें।
सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि फिलहाल भारत में किसी प्रत्यक्ष खतरे की सूचना नहीं है, लेकिन एहतियातन सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की भूमिका
विदेश मंत्रालय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि मिडिल ईस्ट के किसी देश में भारतीय नागरिक फंसते हैं, तो उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जा सकता है, जैसा कि पूर्व में संकट की स्थितियों में किया गया था।

आर्थिक और यात्रा उद्योग पर असर
मिडिल ईस्ट भारत के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई मार्ग है। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में काम करते हैं और नियमित रूप से यात्रा करते हैं। ऐसे में उड़ानों के रद्द होने या रूट बदलने से टिकट दरों में अस्थायी बढ़ोतरी और यात्रा समय में वृद्धि संभव है।
ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार, स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों में अनिश्चितता बनी रह सकती है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सरकार और एयरलाइंस स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही हैं।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने समय रहते एहतियाती कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों को अलर्ट पर रखकर और एयरलाइंस के साथ समन्वय बनाकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
Air India और IndiGo द्वारा कुछ उड़ानों का रद्द या डायवर्ट किया जाना इसी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में स्थिति के अनुसार और निर्णय लिए जा सकते हैं।

