देवघर। मोनी अमावस्या के पावन अवसर पर विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तजन पवित्र स्नान कर गंगा जल के साथ बाबा बैद्यनाथ का विधिवत जलाभिषेक कर रहे हैं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा धाम भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।

मोनी अमावस्या को हिंदू धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मौन व्रत रखकर पवित्र नदियों में स्नान करने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु देवघर पहुंचे हैं। कई भक्त रात में ही कतार में लग गए थे ताकि सुबह के मंगल आरती के बाद बाबा पर जल चढ़ा सकें।
मंदिर के वरिष्ठ पुरोहित लंबोदर महाराज ने बताया कि मोनी अमावस्या का दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन मौन रहकर स्नान, दान और पूजन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति मिलती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। विशेष रूप से गंगा स्नान कर बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भक्त निरोग जीवन प्राप्त करता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष इस दिन भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं।
मोनी अमावस्या के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और विशेष पूजा संपन्न कराई गई। मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं द्वारा जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार और वैवाहिक गंठबंधन जैसे धार्मिक कार्य भी कराए गए। कई परिवारों ने इस शुभ तिथि को अपने बच्चों के मुंडन और उपनयन संस्कार के लिए चुना, जिससे मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों की रौनक और बढ़ गई।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कतारबद्ध दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की गई है और स्वयंसेवकों की मदद से श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं की प्राथमिक जांच और जरूरत पड़ने पर उपचार की व्यवस्था की गई है। नगर निगम की ओर से साफ-सफाई और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि मोनी अमावस्या पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन का विशेष महत्व है। बिहार से आए एक भक्त ने बताया कि वह हर वर्ष इस दिन बाबा धाम आते हैं और जलाभिषेक करते हैं। उनके अनुसार, बाबा की कृपा से उनके परिवार में सुख-समृद्धि बनी हुई है। वहीं पश्चिम बंगाल से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि देवघर आकर बाबा के दर्शन करने से मन को अद्भुत शांति मिलती है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां सच्चे मन से की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती। मोनी अमावस्या के दिन किया गया पूजन विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शिवभक्ति से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु दूर-दूर से बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं।
कुल मिलाकर, मोनी अमावस्या के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का अनुपम दृश्य देखने को मिला। भक्तों की आस्था और प्रशासन की बेहतर व्यवस्था के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रहा है। देर शाम तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे देवघर एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है।Meta Description:
