By: Vikash Mala Mandal
देवघर,“हेल्दी माइंड, हेल्दी इंडिया” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मोनू कुमार एक अनोखी और प्रेरणादायक यात्रा पर निकले हैं। बिहार के मोतिहारी के रहने वाले यह युवा साइकिल से पूरे देश के 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की कठिन यात्रा कर रहे हैं। उनका लक्ष्य केवल धार्मिक स्थलों का भ्रमण करना नहीं, बल्कि लोगों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।

देवघर पहुंचने पर मोनू कुमार ने बताया कि आज के दौर में लोग तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक शरीर स्वस्थ नहीं होगा, तब तक मन भी स्वस्थ नहीं रह सकता। इसी सोच के साथ उन्होंने यह चुनौतीपूर्ण यात्रा शुरू की है।

मोनू कुमार ने साइकोलॉजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है और वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज में जागरूकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। वे जहां-जहां जा रहे हैं, वहां स्थानीय लोगों, खासकर युवाओं से संवाद कर उन्हें योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक फिटनेस एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं, इसलिए दोनों पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।

देवघर, जो कि बैद्यनाथ धाम के लिए प्रसिद्ध है, मोनू की इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना। यहां उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर अपने अभियान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा के साथ-साथ यदि लोग अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें, तो जीवन में संतुलन और सकारात्मकता बनी रह सकती है।
मोनू कुमार की यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक है, बल्कि एक सामाजिक अभियान का रूप भी ले चुकी है। वे लोगों को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि व्यस्त जीवन में भी थोड़ी-सी जागरूकता और नियमित दिनचर्या अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य पाया जा सकता है। उनका मानना है कि आज के युवाओं को मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया से बाहर निकलकर अपने शरीर और मन पर ध्यान देना चाहिए।

इस यात्रा के दौरान मोनू केवल 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे भारत के विभिन्न ऐतिहासिक और प्रसिद्ध स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। उनकी योजना है कि वे हर राज्य में जाकर स्थानीय लोगों से जुड़ें और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएं। साइकिल के माध्यम से इतनी लंबी दूरी तय करना अपने आप में एक चुनौती है, लेकिन मोनू का दृढ़ संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने इस कठिन यात्रा को शुरू किया है। उनके पास न तो कोई बड़ा प्रायोजक है और न ही विशेष सुविधाएं, फिर भी वे अपने मिशन को लेकर पूरी तरह समर्पित हैं। उनका यह प्रयास यह दर्शाता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने भी मोनू कुमार के इस अभियान की सराहना की है। कई युवाओं ने उनसे प्रेरित होकर नियमित व्यायाम शुरू करने और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने का संकल्प लिया है। देवघर में उनकी उपस्थिति ने लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश फैलाया है।
मोनू कुमार का यह अभियान “फिट बॉडी, फिट माइंड” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। वे चाहते हैं कि देश का हर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हो और मानसिक रूप से भी मजबूत बने। उनका मानना है कि एक स्वस्थ समाज ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है।

अंत में मोनू कुमार ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने व्यस्त जीवन में से थोड़ा समय निकालकर योग, ध्यान और व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उनका कहना है कि छोटी-छोटी आदतें ही बड़े बदलाव की शुरुआत करती हैं।

मोतिहारी के इस युवा की अनोखी साइकिल यात्रा आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। उनका यह प्रयास निश्चित रूप से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और “हेल्दी माइंड, हेल्दी इंडिया” के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

