By: Vikash Kumar (Vicky)
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के उत्तर-पूर्वी उपनगर मुलुंड में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन मेट्रो परियोजना के तहत बन रहे पिलर का एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा, जिससे नीचे खड़ी और गुजर रही कई गाड़ियां उसकी चपेट में आ गईं। इस दुर्घटना में कम से कम चार लोग घायल हो गए हैं, जबकि कुछ अन्य लोगों के भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय जब इलाके में सामान्य ट्रैफिक चल रहा था, तभी अचानक तेज आवाज के साथ कंक्रीट का भारी हिस्सा नीचे गिर पड़ा। आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई कारें और दोपहिया वाहन मलबे के नीचे दब गए।

राहत और बचाव कार्य तेज
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। एंबुलेंस के जरिए घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत इलाके को सील कर दिया और ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। बचाव दल मलबा हटाने और यह सुनिश्चित करने में जुटा रहा कि कहीं कोई व्यक्ति फंसा तो नहीं है।

निर्माण कार्य पर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब मुंबई में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार तेजी से चल रहा है। शहर में विभिन्न रूट्स पर मेट्रो परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। हालांकि, इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पिलर के आसपास बैरिकेडिंग तो की गई थी, लेकिन सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा था।

जांच के आदेश
प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित ठेकेदार और इंजीनियरिंग टीम से पूछताछ की जाएगी। यह पता लगाया जा रहा है कि पिलर का हिस्सा क्यों गिरा—क्या यह तकनीकी खामी थी, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी थी या फिर कार्य के दौरान लापरवाही हुई। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ट्रैफिक पर असर
हादसे के बाद मुलुंड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। पीक ऑवर्स में इस मार्ग से हजारों वाहन गुजरते हैं। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों का सुझाव दिया और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।
कई ऑफिस जाने वाले लोगों को देरी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर भी इस हादसे की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

मुंबई में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
मुंबई में पहले भी निर्माणाधीन परियोजनाओं के दौरान हादसे सामने आ चुके हैं। खासकर मानसून के दौरान निर्माण स्थलों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में नियमित ऑडिट और सख्त मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है।

स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन आम नागरिकों की सुरक्षा उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।
कई लोगों ने सरकार से अपील की है कि सभी निर्माण स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

मुलुंड में मेट्रो पिलर का हिस्सा गिरने की यह घटना एक बार फिर शहरी विकास परियोजनाओं में सुरक्षा की अहमियत को रेखांकित करती है। फिलहाल राहत की बात यह है कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है, लेकिन चार लोगों का घायल होना चिंता का विषय है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे की असली वजह क्या थी। तब तक प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

