भारत के गौरव और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद रैंक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष पिपिंग समारोह (Pipping Ceremony) के दौरान प्रदान किया गया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मौजूद रहे, जिन्होंने नीरज को उनके उत्कृष्ट योगदान और देश के लिए किए गए गौरवशाली कार्यों के लिए हार्दिक बधाई दी।
राष्ट्र गौरव बने नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा न केवल एथलेटिक्स के क्षेत्र में बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत को भाला फेंक (Javelin Throw) में पहला स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के बाद से वे लगातार भारतीय खेलों के सबसे प्रेरणादायक चेहरों में से एक बन गए हैं। भारतीय सेना ने नीरज के इसी समर्पण, अनुशासन और देशप्रेम को देखते हुए उन्हें मानद लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक प्रदान किया।
नई दिल्ली में हुआ सम्मान समारोह
यह पिपिंग समारोह नई दिल्ली के दक्षिण ब्लॉक में स्थित सेना मुख्यालय में आयोजित हुआ। इस अवसर पर नीरज ने भारतीय सेना की वर्दी पहनी और रैंक बैज लगने के बाद उन्होंने कहा –
“यह मेरे जीवन का गर्व भरा क्षण है। मैंने हमेशा देश की सेवा करने का सपना देखा था, और आज भारतीय सेना का हिस्सा बनकर वह सपना पूरा हुआ है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नीरज को बधाई देते हुए कहा कि नीरज ने देश को न केवल खेल के मैदान में, बल्कि अपने आचरण और अनुशासन से भी गौरवान्वित किया है।
वहीं, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि नीरज जैसे युवा भारतीय सेना और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
खेल और सेना के अनुशासन का संगम
नीरज चोपड़ा पहले से ही भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स (Rajputana Rifles) इकाई से जुड़े हुए हैं। ओलंपिक में उनकी जीत के बाद भारतीय सेना ने उन्हें मानद अधिकारी बनाने का निर्णय लिया था।
नीरज हमेशा कहते हैं कि सेना में रहकर उन्हें जो अनुशासन और मानसिक शक्ति मिली, उसने उनके खेल को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि सेना का प्रशिक्षण उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
नीरज की उपलब्धियां एक नजर में
टोक्यो ओलंपिक 2020: भाला फेंक में स्वर्ण पदक – भारत का एथलेटिक्स में पहला ओलंपिक गोल्ड।
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023: रजत पदक।
डायमंड लीग फाइनल 2023: स्वर्ण पदक।
एशियन गेम्स 2018 और 2023: स्वर्ण पदक।
अर्जुन अवॉर्ड, खेल रत्न और पद्म श्री से सम्मानित।
नीरज चोपड़ा की हर उपलब्धि ने देश में एथलेटिक्स के प्रति नई उम्मीदें जगाई हैं। वे लाखों युवाओं के आदर्श बन चुके हैं, जो खेल को करियर और देशसेवा दोनों के रूप में देख रहे हैं।
नीरज चोपड़ा का बयान
समारोह के बाद नीरज ने कहा –
“मैं हमेशा से मानता हूं कि खेल और देशसेवा एक-दूसरे के पूरक हैं। भारतीय सेना ने मुझे जो सम्मान दिया है, वह केवल मेरे लिए नहीं बल्कि हर उस खिलाड़ी के लिए है जो अपने देश का झंडा ऊंचा उठाने का सपना देखता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान उन्हें और मेहनत करने की प्रेरणा देता है ताकि भविष्य में भारत को और भी बड़े मंचों पर गौरवान्वित कर सकें।
सेना में खिलाड़ियों का बढ़ता योगदान
भारतीय सेना ने हमेशा से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया है। मिल्खा सिंह, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, और अब नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि सेना का अनुशासन और खेल भावना का संयोजन देश को विश्वस्तर पर सम्मान दिला सकता है।
नीरज की यह नियुक्ति भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाती है। इससे देश के युवा खिलाड़ियों को यह संदेश मिलता है कि खेल और देशप्रेम दोनों एक साथ चल सकते हैं।
नीरज चोपड़ा की यह नई जिम्मेदारी न केवल उनके करियर का नया अध्याय है, बल्कि देश के हर नागरिक के लिए गर्व का क्षण भी है। एक खिलाड़ी से लेकर लेफ्टिनेंट कर्नल बनने की उनकी यह यात्रा बताती है कि समर्पण, अनुशासन और मेहनत से कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।
अब पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि नीरज आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में फिर से भारत का परचम ऊंचा लहराएंगे।

