By: Vikash Kumar (Vicky)
साल 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत भरी नहीं रही। नए साल के पहले ही दिन महंगाई ने जोरदार दस्तक दे दी है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने LPG सिलेंडर की कीमतों में तगड़ा इजाफा कर दिया है, जो 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो गया है। इस बढ़ोतरी से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों समेत देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ा है।

नए साल का जश्न खत्म होते ही रसोई गैस की बढ़ी कीमतों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि LPG सिलेंडर पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा था।
घरेलू LPG सिलेंडर हुआ महंगा
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली से लेकर देश के अन्य बड़े शहरों तक सिलेंडर अब पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। हालांकि कीमतों में शहर-दर-शहर थोड़ा अंतर है, लेकिन कुल मिलाकर आम उपभोक्ता पर बोझ बढ़ा है। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इस बार नए साल की शुरुआत के साथ ही कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है।
महानगरों में बढ़ी कीमतों का असर
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में रहने वाले उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतें चुकानी होंगी। महानगरों में पहले से ही किराया, बिजली, पानी और खाद्य पदार्थों की लागत ज्यादा होती है, ऐसे में रसोई गैस की कीमत बढ़ने से घरेलू खर्च और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों में रहने वाले किराएदार और नौकरीपेशा वर्ग पर इसका असर ज्यादा पड़ेगा, क्योंकि उनकी मासिक आय का बड़ा हिस्सा घरेलू खर्चों में चला जाता है।
रसोई का बजट बिगड़ा
LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ने से सीधे तौर पर रसोई का बजट प्रभावित हुआ है। गैस सिलेंडर हर घर की बुनियादी जरूरत है और इसके बिना खाना बनाना संभव नहीं। ऐसे में बढ़ी कीमतों का असर सब्जियों, दालों और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की महंगाई के साथ मिलकर आम आदमी की परेशानी बढ़ा रहा है। घरेलू महिलाओं का कहना है कि पहले ही रसोई का खर्च संभालना मुश्किल था और अब सिलेंडर महंगा होने से बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों पर भी नजर
तेल कंपनियों द्वारा कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि कमर्शियल गैस महंगी होने से बाहर खाने-पीने की चीजें भी आने वाले दिनों में महंगी हो सकती हैं। छोटे व्यापारियों का कहना है कि अगर लागत बढ़ेगी तो उसका असर ग्राहकों पर डालना मजबूरी होगी।

क्यों बढ़ी LPG की कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और परिवहन लागत जैसे कई कारण LPG की कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा सरकारी सब्सिडी नीति और टैक्स स्ट्रक्चर भी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि फिलहाल सरकार की ओर से इस बढ़ोतरी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि वैश्विक बाजार की स्थितियों का असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है।
जनता में नाराजगी
नए साल के पहले ही दिन महंगाई बढ़ने से लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग LPG सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब आमदनी नहीं बढ़ रही, तो खर्च लगातार क्यों बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार को घरेलू LPG पर राहत देने के उपाय करने चाहिए, ताकि आम आदमी को कुछ राहत मिल सके।
आगे क्या?
आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें स्थिर रहती हैं, तो आने वाले महीनों में LPG की कीमतों में राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों के साथ ही काम चलाना होगा।
नए साल की शुरुआत में LPG की महंगाई ने यह साफ कर दिया है कि 2026 की राह आम आदमी के लिए आसान नहीं होने वाली। अब सभी की नजरें सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हैं।
