By: Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang 12 February 2026: आज 12 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि आरंभ हो जाएगी। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा जीवन की परेशानियों को दूर करती है, मनोकामनाओं की पूर्ति करती है और कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत बनाती है। जो लोग गुरु दोष से परेशान हैं, उनके लिए आज का दिन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

आज ज्येष्ठा नक्षत्र दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक प्रभावी रहेगा और उसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा। नक्षत्र परिवर्तन के साथ दिन की ऊर्जा और प्रभाव में बदलाव आता है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों से पहले शुभ समय का चयन करना आवश्यक है। आज व्याघात के बाद हर्षण योग का प्रभाव रहेगा, जो मानसिक स्थिरता, सकारात्मक सोच और कार्यों में सफलता का संकेत देता है। इसके बाद वज्र योग शुरू होगा, जिसमें सावधानी और धैर्य से काम करना उचित माना जाता है। करण की बात करें तो विष्टि करण दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा, इसके बाद वणिज करण रात 12:12 बजे तक और फिर पुनः विष्टि करण का प्रभाव रहेगा।

ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज सूर्य मकर राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि चंद्रमा सुबह 04:06 बजे तक वृश्चिक राशि में संचरण करेंगे और इसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा का राशि परिवर्तन भावनात्मक संतुलन और निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है, इसलिए आज सोच-समझकर निर्णय लेना लाभकारी रहेगा। सूर्योदय सुबह 07:05 बजे और सूर्यास्त शाम 06:17 बजे होगा। चंद्रोदय रात 03:02 बजे और चंद्रास्त दोपहर 01:37 बजे होगा। विभिन्न शहरों के अनुसार समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है।

आज के शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:28 से 06:16 बजे तक रहेगा, जो ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:18 से 01:03 बजे तक रहेगा, जिसमें नए कार्य, निवेश और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है। आज अमृत काल नहीं है, इसलिए अन्य शुभ मुहूर्तों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 02:04 बजे से 03:28 बजे तक रहेगा, जिसमें नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। यमगण्ड सुबह 07:05 से 08:29 बजे तक रहेगा, जबकि कुलिक काल सुबह 09:53 से 11:17 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 10:49 से 11:33 बजे तक और दोपहर 03:17 से 04:02 बजे तक रहेगा। इसके अलावा वर्ज्यम् रात 05:07 बजे से मध्यरात्रि 12:18 बजे तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्य टालना उचित माना जाता है।

धार्मिक दृष्टि से गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा, पीले वस्त्र धारण करना, गरीबों को दान देना और गुरुजनों का सम्मान करना विशेष फलदायी माना गया है। आज का दिन शिक्षा, आध्यात्मिक उन्नति, नए संकल्प और सकारात्मक शुरुआत के लिए अनुकूल माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज का दिन संतुलित और संयमित दृष्टिकोण अपनाने का संकेत देता है, जिससे जीवन में सफलता और मानसिक शांति प्राप्त हो सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। समय और विवरण स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


