बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े उलटफेर की गवाह बन गई है। राज्य की सत्ता और नेतृत्व को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अचानक अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। लंबे समय से राजनीतिक अटकलों का दौर चल रहा था और आखिरकार उन अटकलों पर विराम लगाते हुए नीतीश कुमार ने मौजूदा सरकार से अलग होने का फैसला कर लिया। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा और नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत दिए।

इस्तीफे के बाद अब बिहार की राजनीति का नया चेहरा फिर से बनने जा रहा है। महत्वपूर्ण यह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता संभालने जा रहे हैं और इस बार वे दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। बताया जा रहा है कि वे 20 नवंबर को गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और राज्य सरकार की मशीनरी आयोजन को लेकर सक्रिय हो गई है।
इस्तीफे के पीछे क्या कारण?
नीतीश कुमार का इस्तीफा अचानक जरूर दिखाई देता है, लेकिन राज्य में राजनीतिक समीकरण पिछले कई महीनों से बदलते हुए दिखाई दे रहे थे। कई मुद्दों पर गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद बढ़ रहे थे। विकास योजनाओं, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर मनमुटाव की चर्चाएं भी सामने आ रही थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तनावों ने नीतीश कुमार को फैसले की ओर धकेला।
इसके अलावा, आगामी चुनावों से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना भी नीतीश कुमार का मुख्य लक्ष्य माना जा रहा है। वे बिहार की राजनीति में ‘किंगमेकर’ से लेकर ‘किंग’ बनने तक की यात्रा कई बार पूरी कर चुके हैं और इस बार भी वही तस्वीर उभरती दिख रही है।
दसवीं बार सीएम बनने की तैयारी
नीतीश कुमार का अब तक का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरा हुआ रहा है। बिहार की राजनीति में उनका कद इतना बड़ा हो चुका है कि आज वे देश के उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। और अब 20 नवंबर को वे दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड भी कायम कर देंगे।
गांधी मैदान को इस समारोह के लिए चुना जाना भी खास मायने रखता है। यह वही मैदान है जहां राज्य के बड़े राजनीतिक समारोह और ऐतिहासिक आयोजन हमेशा से होते आए हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी, राजनीतिक नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री व केंद्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार गठन की प्रक्रिया
इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने प्रेस को बताया कि उन्होंने राज्यपाल को सरकार में हो रहे असंतोष और आगामी योजना के बारे में विस्तार से अवगत कराया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है और सहयोगी दलों के बीच मंत्रिमंडल के गठन को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
राज्यपाल फिलहाल सभी राजनीतिक दलों से संपर्क में हैं और बहुमत वाले दल या गठबंधन को सरकार गठन का आमंत्रण जल्द ही जारी किया जा सकता है। यह भी माना जा रहा है कि नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण के लिए पहले से ही रोडमैप तैयार कर लिया है।
जनता की प्रतिक्रिया: उम्मीदें और सवाल
नीतीश कुमार के इस्तीफे और फिर दोबारा शपथ लेने की खबर ने जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। जहां उनके समर्थक इसे प्रशासनिक स्थिरता और विकास की दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे “राजनीतिक नाटक” बता रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि बार-बार इस्तीफा और नई सरकार गठन की प्रक्रिया से राज्य में अस्थिरता बढ़ती है। हालांकि, नीतीश कुमार के समर्थकों की राय बिलकुल अलग है। वे इसे निर्णायक नेतृत्व और साहसी कदम मान रहे हैं।
आने वाले दिनों में क्या होंगे बड़े फैसले?
नीतीश कुमार के दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद कई बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है। इनमें विशेष रूप से रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले शामिल हो सकते हैं। नई सरकार के पहले 100 दिन का एजेंडा भी तेजी से तैयार किया जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कुमार इस बार अधिक मजबूत और नियंत्रित राजनीतिक ढांचा तैयार करना चाहेंगे। घंटों चली बैठकों में यह भी संकेत मिले हैं कि वे राज्य की आर्थिक योजनाओं को नए तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
20 नवंबर को होगा ऐतिहासिक आयोजन
गांधी मैदान में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक होने वाला है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी, हजारों कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद है और समारोह में कई राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल हो सकते हैं। आयोजकों ने बताया कि मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था, मीडिया गैलरी और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर तैयारियां आगे बढ़ चुकी हैं।

