By: Vikash Kumar (Vicky)
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के विस्तार परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 11.6 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जो बोटैनिकल गार्डन को सेक्टर-142 से जोड़ेगा। इस विस्तार में आठ नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे और कुल परियोजना लागत 2,254 करोड़ रुपये तय की गई है। सरकार ने इसे चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

केंद्र की इस मंजूरी के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को नया आयाम मिलने की उम्मीद है। फिलहाल एक्वा लाइन का संचालन नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा डिपो तक होता है। नए विस्तार के बाद यह लाइन दिल्ली मेट्रो के ब्लू और मैजेंटा लाइन से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे यात्रियों को सीधे दिल्ली से जुड़ने में आसानी होगी।

बेहतर कनेक्टिविटी से ट्रैफिक जाम में राहत
नोएडा में बढ़ती आबादी और कॉरपोरेट ऑफिसों की वजह से रोजाना हजारों लोग दिल्ली और आसपास के इलाकों में आवाजाही करते हैं। बोटैनिकल गार्डन स्टेशन पहले से ही एक बड़ा ट्रांजिट हब है। एक्वा लाइन का यहां तक विस्तार होने से यात्रियों को सेक्टर-51 पर इंटरचेंज की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और भीड़ दोनों की बचत होगी। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी।

रियल एस्टेट और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मेट्रो विस्तार का सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ेगा। सेक्टर-142 और आसपास के इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग बढ़ने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा, जबकि परियोजना पूरी होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी।

पर्यावरण के लिहाज से भी फायदेमंद
मेट्रो परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देती हैं। इस विस्तार से निजी वाहनों की निर्भरता कम होगी, जिससे प्रदूषण स्तर में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह परियोजना ग्रीन और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के मानकों के अनुरूप विकसित की जाएगी।
चार साल में पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना की अनुमानित लागत 2,254 करोड़ रुपये है और इसे चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से होगा ताकि मौजूदा यातायात व्यवस्था पर न्यूनतम असर पड़े। अधिकारियों के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आठ नए स्टेशन बनेंगे
11.6 किमी लंबे इस कॉरिडोर में आठ नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। इन स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यात्रियों को सुगम आवागमन और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। सुरक्षा, पार्किंग और मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यात्रियों को क्या होगा फायदा?
दिल्ली से सीधे एक्वा लाइन कनेक्टिविटी
सेक्टर-51 इंटरचेंज की जरूरत खत्म
समय की बचत और यात्रा में सुविधा
ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी
क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा के विकास में एक और कदम
एक्वा लाइन का यह विस्तार नोएडा-ग्रेटर नोएडा के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं। एक्सप्रेसवे, आईटी पार्क और इंडस्ट्रियल हब के साथ अब बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी इस इलाके को और आकर्षक बनाएगी।

कुल मिलाकर, केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद नोएडा के लाखों निवासियों और कामकाजी लोगों को आने वाले वर्षों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अगर परियोजना तय समय में पूरी होती है, तो यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।


