By: Vikash Mala Mandal
देश को 28 मार्च को एक नया और ऐतिहासिक उपहार मिलने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का औपचारिक उद्घाटन करेंगे, जिसे देश का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक हवाई अड्डा कहा जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी क्षेत्र में विकसित यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर भारत के एविएशन नेटवर्क को मजबूत करेगा, बल्कि पूरे देश की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा। उद्घाटन समारोह से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जमीन से आसमान तक अभेद सुरक्षा का घेरा बना लिया है। कार्यक्रम स्थल को ‘नो-फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित किया गया है, जबकि एसपीजी और खुफिया विभाग लगातार निगरानी में जुटे हैं।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और उद्घाटन के बाद इस एयरपोर्ट पर सीमित संख्या में उड़ानें शुरू हो जाएंगी। आने वाले समय में यह भारत का सबसे व्यस्त, सबसे सुविधाजनक और तकनीकी रूप से सबसे उन्नत हवाई अड्डा बनने की ओर बढ़ रहा है। स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल द्वारा विकसित यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक डिज़ाइन, पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

एयरपोर्ट की खास बात यह है कि इसकी डिजाइन पूरी तरह डिजिटल-फर्स्ट कॉन्सेप्ट पर आधारित है। यात्रियों को चेहरा पहचान तकनीक, स्मार्ट बैगेज सिस्टम, पेपरलेस बोर्डिंग और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पहले चरण में एक बड़ी रनवे और एक टर्मिनल बिल्डिंग तैयार की गई है, जिसकी क्षमता प्रति वर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। परियोजना का लक्ष्य 2040 तक कुल छह रनवे तैयार करना है, जिससे यह एयरपोर्ट दुनिया के सबसे बड़े मल्टी-रनवे हब में शामिल हो जाएगा।

नोएडा एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत है इसका रणनीतिक स्थान। यह दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, आगरा, बुलंदशहर, मथुरा और आसपास के कई जिलों के लिए हवाई परिवहन का प्रमुख केंद्र साबित होगा। इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों का दबाव काफी कम होगा। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तक तेज़ कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उद्घाटन समारोह के लिए लगभग सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा व्यवस्था में एसपीजी की विशेष टीम तैनात है। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट परिसर और आस-पास के क्षेत्र को नो-फ्लाइंग ज़ोन घोषित कर दिया गया है। ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार इलाके की निगरानी कर रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी, एंटी-ड्रोन सिस्टम, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते भी तैनात किए गए हैं।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, उद्घाटन कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, अधिकारियों, उद्योगपतियों और एविएशन क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया है। एयरपोर्ट की पहली झलक पहले ही सामने आ चुकी है, जिसे लेकर यात्रियों में उत्साह बढ़ गया है। अत्याधुनिक टर्मिनल, हाई-टेक ग्लास डिज़ाइन, एक्सक्लूसिव लाउंज और स्मार्ट बोर्डिंग गेट्स इसकी खूबसूरती में चार

