By: Vikash Kumar (Vicky)
उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड की चपेट में है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक आने वाले 48 घंटों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे का असर बना रहेगा, जबकि पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। राजस्थान के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राजस्थान में रिकॉर्ड तोड़ ठंड
राजस्थान इस समय उत्तर भारत का सबसे ठंडा राज्य बनता जा रहा है। चूरू, सीकर, फतेहपुर और पिलानी जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर सुबह के समय सड़कें और खेत ओस की सफेद परत से ढके नजर आए। शीतलहर के चलते स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है और प्रशासन ने लोगों को अलाव जलाने व घरों में रहने की सलाह दी है।
दिल्ली-NCR में ठंड और कोहरे की मार
दिल्ली-एनसीआर में भी ठंड का असर लगातार बना हुआ है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता बेहद कम हो रही है। इसका सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ रहा है। कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि उड़ानों में भी देरी देखने को मिल रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है और ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अगले दो दिनों तक मौसम बिगड़ा रह सकता है। मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। शिमला, मनाली, गुलमर्ग और औली जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी की उम्मीद से सैलानियों में उत्साह है, लेकिन प्रशासन ने भूस्खलन और सड़क बंद होने की चेतावनी भी जारी की है।

किसानों पर मौसम का असर
ठंड और बारिश का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। गेहूं, सरसों और चने की फसल को ठंड से फायदा मिल सकता है, लेकिन अधिक पाला और ओलावृष्टि नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
कड़ाके की ठंड से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार और हृदय से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पानी से बचने और सुबह-शाम बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की तैयारियां
राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने ठंड से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है, जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। मौसम विभाग लगातार अलर्ट जारी कर रहा है ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें।
आगे कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है। जनवरी के पहले पखवाड़े में शीतलहर का असर जारी रह सकता है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। पहाड़ों की बर्फबारी जहां ठंड बढ़ा रही है, वहीं मैदानी इलाकों में शीतलहर और कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
