
जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत सुरक्षाबलों ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकियों को लिदवास क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। जानें पूरी खबर।

जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत सुरक्षाबलों ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकियों को लिदवास क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। जानें पूरी खबर।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के लिदवास इलाके में सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत तीन आतंकियों को मार गिराया है। यह मुठभेड़ बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मारे गए आतंकियों में से दो वही हैं जो 96 दिन पहले हुए भीषण पहलगाम आतंकी हमले में शामिल थे। उस हमले में 26 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी, जिसमें आम नागरिकों से लेकर जवान तक शामिल थे।
सेना का बड़ा बयान: “ऑपरेशन महादेव सफल”
सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी:
> “ऑपरेशन महादेव – जनरल एरिया लिडवास में संपर्क स्थापित हुआ। सटीक कार्रवाई में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया। इलाके में सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है।”
यह ऑपरेशन सुरक्षाबलों – भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF – के संयुक्त प्रयास का नतीजा है, जिसे गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दिया गया।
पहलगाम हमले से जुड़ाव: आतंकियों का खात्मा बना ‘बदले की कार्रवाई’
सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों में दो ऐसे थे जो 3 मई को पहलगाम में हुए हमले के मास्टरमाइंड थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है और उनके पास से बरामद हथियारों व दस्तावेजों से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
कैसे चला ऑपरेशन?
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि लिदवास क्षेत्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। इसके बाद सेना और अन्य बलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। जब आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की तो जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी ढेर हो गए।
अभी जारी है सर्च ऑपरेशन
हालांकि तीन आतंकियों को मार गिराया गया है, लेकिन सेना फिलहाल ऑपरेशन को खत्म मानने के मूड में नहीं है। लिदवास का इलाका घने जंगल और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जहां छिपकर आतंकी अपनी गतिविधियां चलाते हैं। इसीलिए सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है और हर कोने की तलाशी ली जा रही है।
जनता और प्रशासन का रिएक्शन
इस कार्रवाई के बाद लोगों में एक बार फिर भरोसा जगा है कि घाटी में आतंक को जड़ से खत्म किया जा सकता है। वहीं प्रशासन ने ऑपरेशन में शामिल जवानों को बधाई दी है और इसे आतंकवाद के खिलाफ एक ‘निर्णायक कदम’ बताया है।
ऑपरेशन महादेव न सिर्फ एक सैन्य मिशन था, बल्कि उन 26 मासूमों के लिए न्याय की ओर एक ठोस प्रयास है, जो पहलगाम हमले में मारे गए थे। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई आतंकियों और उनके मददगारों को यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत आतंक के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगा।
यह रिपोर्ट सेना और स्थानीय प्रशासन से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मुठभेड़ और तलाशी अभियान से जुड़े कुछ संवेदनशील विवरणों को सुरक्षा कारणों से साझा नहीं किया गया है।

